केंद्रीय मंत्री बोले नेहरू नहीं चाहते थे बाबा साहेब को मंत्रिमंडल में लेना, गांधी के दवाब में लिया

ग्वालियर  ।    केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा नेहरू नहीं चाहते थे बाबा साहेब को अपने मंत्रिमंडल में लेना, गांधी के दवाब में लिया मंत्रिमंडल में शामिल किया था। केंद्रीय मंत्री 16 अप्रैल को ग्वालियर में होने जा रहे अंबेडकर महाकुंभ की तैयारियों को लेकर आयोजित एक बैठक में बोल रहे थे। तोमर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और अनुसूचित समाज और बाबा साहब यह तीनों एक दूसरे के पूरक हैं। बाबा साहब अंबेडकर और अनुसूचित जाति समाज के बिना भाजपा अधूरी है। केंद्रीय मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 16 अप्रैल को होने वाले डॉक्टर अंबेडकर महाकुंभ की तैयारियों में कार्यकर्ताओं को अभी से प्राण प्रण से जुट जाना चाहिए जिससे कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को बाबा साहब अंबेडकर की जन्म जयंती का कार्यक्रम बस्तियों में हो, इससे 16 अप्रैल को अंबेडकर महाकुंभ कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या निकलकर आएगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा न जातिवाद ना भाषावाद और ना पूंजीवाद पर भरोसा करती है भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद पर भरोसा करती है । पहली सरकार में नेहरू जी डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बाबा साहब अंबेडकर को मंत्री नहीं बना रहे थे। गांधी जी के दबाव में नेहरू ने इन्हें मंत्री बनाया। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बाबा साहब अंबेडकर जी को नेहरू जी का असली चेहरा दिखाई देने लगा। तब डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉक्टर बाबा साहब अंबेडकर लात मारकर सरकार से बाहर आ गए। श्री तोमर ने कहा कि डॉ. अंबेडकर सिद्धांतवादी थे । उन्होंने इस्तीफा देने के बाद अपने लोगों को कहा कि आज रात को ही बंगला खाली करना है और मकान देखने के लिए रात्रि में ही निकल गए और उन्होंने दिल्ली में अलीपुर रोड पर मकान किराए पर लिया। भाजपा सरकार में बिना किसी भेद भाव के हर जरूरतमंद को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़ी जगहों को विकसित करने के साथ ही तीर्थस्थल का नाम देकर बाबा साहब के साथ ही दलितों का सम्मान बढ़ाने का काम किया है। यह दिल्ली में अलीपुर रोड पर बनाया जा रहा है जहां अंबेडकर ने अंतिम सांस ली थी। 1.85 एकड़ के प्लॉट पर तीन मंजिला स्मारक बनेगा जिसके मध्य में एक गुंबद के नीचे संविधान रखा होगा। साथ ही अंबेडकर की जन्मभूमि महू , दीक्षाभूमि नागपुर और राजगृह तथा मुंबई से स्मृति चिन्ह लाकर इसमें रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने एक ईंट भी नहीं लगाई। कांग्रेस लगातार डॉ.भीमराव अम्बेडकर का अपमान करता रहा।

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