अमेरिकी सेना को फंडिंग की कमी, पेंटागन ने ईरान युद्ध के लिए मांगे 200 अरब डॉलर, लंबी जंग की तैयारी में ट्रंप?

वॉशिंगटन: ईरान के साथ जंग में लगी अमेरिकी सेना फंडिंग की कमी से जूझ रही है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने ईरान युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस से 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग की मांग की है, क्योंकि किसी भी नई धनराशि को मंजूरी देने का अधिकार कांग्रेस के पास है। यह एक बड़ी रकम है, जिस पर क्रांग्रेस की तरफ से सवाल उठना तय है। समाचार एजेंसी AP से ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पेंटागन ने वॉइट हाउस को अनुरोध भेजा है।

हेगसेथ बोले- अमेरिका जीत रहा

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से जब गुरुवार को इस रकम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सीधे इसकी पुष्टि नहीं की और कहा कि रकम बदल भी सकती है। हेगसेथ ने कहा कि बुरे लोगों को मारने के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस और वहां मौजूद अपने लोगों के पास वापस जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमें पर्याप्त धनराशि मिल सके।वहीं, ईरान युद्ध पर हेगसेथ ने कहा कि यह अभियान समय से आगे चल रहा है और अमेरिका जीत रहा है। उन्होंने इस बात को खारिज किया कि ईरान युद्ध में अमेरिका किसी दलदल में फंस रहा है। मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि अनुरोध अभी वॉइट हाउस के पास है और राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर अपनी मंजूरी नहीं दी है।

ईरान के खिलाफ लंबे युद्ध की तैयारी

  • कांग्रेस के बजट ऑफिस के अनुसार, अगर इसे मंजूरी दी जाती है तो यह अतिरिक्त खर्च बिल 2020 के कोविड राहत बिल के बाद अब तक का सबसे बड़ा बिल होगा।
  • यह बिल्कुल भी साफ नहीं है कि इस तरह के खर्च को राजनीतिक समर्थन मिलेगा या नहीं। यह एक बड़ी रकम है और इससे यह संकेत मिलता है कि ट्रंप ईरान के खिलाफ एक लंबी लड़ाई की तैयारी में हैं।
  • यह ट्रंप के लिए मुश्किल भरा हो सकता है, जिन्होंने लगातार अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपतियों की यह कहकर आलोचना की है कि उन्होंने अमेरिका को इराक और अफगानिस्तान में कभी न खत्म होने वाले युद्धों में फंसा दिया।

ट्रंप को फंडिंग मिलने में क्या मुश्किल?

हालांकि, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट पर नियंत्रण है, लेकिन फंडिंग की राह आसान नहीं है। कई रूढ़िवादी सांसद खर्च के मामले में बहुत सख्त रवैया अपनाते हैं। वे सैन्य अभियानों या अन्य मामलों में बड़े खर्च के पक्ष में नहीं होते। वहीं, ज्यादादर डेमोक्रेट्स के भी ट्रंप प्रशासन की ऐसी किसी भी मांग को ठुकराने की संभावना है।

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