अधूरे सड़क को पक्का कराने की मांग, ग्रामवासी पहुंचे जनदर्शन

दुर्ग ।  जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर  अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार डिप्टी कलेक्टर  हितेश पिस्दा एवं उत्तम ध्रुव ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में डिप्टी कलेक्टर  हितेश पिस्दा भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 136 आवेदन प्राप्त हुए।

इसी कड़ी में स्टेडियम परिसर के दुकानदारों ने स्थायी व्यवस्थापन के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि बी.सी.सी.आई. द्वारा स्टेडियम निर्माण की चर्चाओं के बीच दुकानदारों में बेदखली को लेकर चिंता बढ़ गई है। परिसर में डीजल इंजन, टूल मशीनरी, वाहन मरम्मत, टाइपिंग-प्रिंटिंग, फोटोकॉपी, ऑनलाइन सेवा व खेल सामग्री की दुकानें संचालित हो रही हैं। अचानक बेदखली से उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने व्यवसाय के अनुरूप वैकल्पिक स्थायी स्थान उपलब्ध कराने आवेदन दिया। इस पर डिप्टी कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम दुर्ग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

ग्राम ढौर के ग्रामवासियों ने अधूरे सड़क निर्माण को पूरा कराने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत कासीन-ढौर क्षेत्र में पांच वर्ष पहले बनाई गई सड़क का निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण ग्रामवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क बासीन गांव के स्कूली बच्चों और आम नागरिकों के लिए दो किलोमीटर का सीधा मार्ग है, लेकिन बरसात के दिनों में सड़क पर पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो जाता है। बारिश के समय उन्हें यू-टर्न लेकर लगभग आठ किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ता है। इस पर डिप्टी कलेक्टर ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना ईई को आवश्ययक कार्यवाही करने को कहा।

इसी प्रकार ग्राम ढौर के ही कृषक ने खसरा नंबर में त्रुटि सुधार की मांग की। किसान ने बताया कि तीन खेत एक ही खसरा नम्बर होने के कारण तीनों खेतों को डूबान में अर्जित कर दिया है। उसकी एक जमीन डूबान क्षेत्र में नहीं आती, फिर भी उसे अर्जित दिखा दिया गया है, जिससे उसे बिजली कनेक्शन, खाद-बीज और धान बिक्री जैसी सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। कृषक ने अपने गैर-डूबान भूमि दर्शाते हुए को पुनः अपने नाम दर्ज करने की मांग की है। इस पर डिप्टी कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

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