मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने सौंपा प्रगति प्रतिवेदन

जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के लिए पूरे प्रदेश में गत 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है जो कि 30 जून तक चलेगा। इसके अंतर्गत प्रमुख रूप से तालाबों की पिचिंग, बोल्डर टो कार्य, पाल (बंड) की मरम्मत, नहरों की सफाई आदि कार्य जनभागीदारी एवं सामाजिक संगठनों के सहयोग से कराए जा रहे हैं। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 55 जिलों के 10 रिवर बेसिन (कछारों) में जल संवर्धन एवं संरक्षण के 2444 कार्य प्रस्तावित किए गए थे, जिनमें से अब तक 1056 कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 43 प्रतिशत है। शेष कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण कर लिए जायेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को मंगलवार को जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति के संबंध में विभागीय प्रतिवेदन मंत्रालय में सौंपा। मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में युद्धस्तर पर जल संरक्षण/ संवर्धन के कार्य चलाए जा रहे हैं। राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम द्वारा प्रदेश भर में कराए जा रहे कार्यों की निरंतर मॉनीटरिंग कर नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है।

मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि देश के प्रत्येक नागरिक को पर्याप्त जल उपलब्ध हो सके तथा पर्यावरण का संरक्षण हो। उनके इस संकल्प को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में जल संरक्षण को मूर्त रूप दिया जा रहा है। अभियान में सभी नागरिकों से जल संरक्षण को अपना कर्तव्य समझकर जुड़ने का आहवान किया गया है। मुख्यमंत्री की यह पहल न केवल पर्यावण संरक्षण के लिए मील का पत्थर साबित होगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जल संसाधनों को एवं जल संरचनाओं को सुरक्षित एवं संधारित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

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