क्या है एंथ्रोपिक का नया टूल जिससे हिल गया आईटी सेक्टर

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स 6% तक गिर गया, जिससे इस सेक्टर का मार्केट कैप करीब 2 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। यह आईटी सेक्टर में मार्च 2020 के कोविड क्रैश के बाद की सबसे बड़ी गिरावट थी, जब यह इंडेक्स 9.6% तक गिरा था। आज बुधवार के कारोबार में आईटी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 29.85 लाख करोड़ रुपये से भी नीचे चला गया। यह सब हुआ अमेरिकी AI स्टार्टअप एंथ्रोपिक (Anthropic) ने नए टूल्स के कारण।

भारतीय आईटी सेक्टर में गिरावट की वजह अमेरिका में सॉफ्टवेयर शेयरों में आई अचानक तेज गिरावट थी। अमेरिकी AI स्टार्टअप एंथ्रोपिक (Anthropic) ने 11 नए प्लगइन्स लॉन्च किए हैं। ये प्लगइन्स कई तरह के पेशेवर कामों को ऑटोमेट करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इससे यह डर फिर से पैदा हो गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पारंपरिक आईटी कंपनियों के मुनाफे और उनकी बाजार में मजबूत पकड़ को कमजोर कर सकता है। इस टूल के कारण अमेरिकी आई स्टॉक्स में भी गिरावट देखी गई।

क्या-क्या काम कर सकता है यह टूल?

  • एंथ्रोपिक का नया टूल क्लॉड कोवर्क (Claude Cowork) सिर्फ एक चैटबॉट नहीं है, बल्कि एक साथी की तरह है जो आपके कंप्यूटर पर काम कर सकता है।
  • यह फाइलों को पढ़ सकता है, डॉक्यूमेंट्स को एडिट कर सकता है, नई फाइलें बना सकता है, फोल्डर का नाम बदल सकता है और उन्हें व्यवस्थित कर सकता है।
  • यह स्क्रीनशॉट से स्प्रेडशीट बना सकता है और रफ नोट्स को रिपोर्ट या ड्राफ्ट में बदल सकता है।
  • इसका इस्तेमाल लेखकों, विश्लेषकों, पत्रकारों, छात्रों और ऑफिस जाने वाले लोगों द्वारा किया जा सकता है।
  • क्लॉड लीगल एंड डेटा (Claude Legal and Data) विशेष रूप से वकीलों, कंपनियों और विश्लेषकों के लिए बनाया गया एक टूल है, ताकि वे बड़े कानूनी और व्यावसायिक दस्तावेजों पर काम कर सकें। इसे हाल ही में जोड़ा गया है।

क्यों बढ़ाई चिंता?

एंथ्रोपिक ने साफ किया है कि यह सॉफ्टवेयर वकीलों का विकल्प नहीं है, बल्कि दोहराए जाने वाले कामों को संभालने के लिए एक डिजिटल सहायक है। फिर भी कुछ ही मिनटों में बड़ी मात्रा में कागजी कार्रवाई को संभालने की इसकी क्षमता ने चिंताएं बढ़ा दी हैं कि कानूनी, वित्तीय और कॉर्पोरेट प्रशासन के कुछ हिस्से बहुत कम या बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के संभाले जा सकते हैं।

भारतीय आईटी शेयरों में गिरावट

Infosys, TCS, HCLTech, Tech Mahindra और Wipro सहित आईटी शेयरों में 6% तक की गिरावट आई, जो वैश्विक बिकवाली के अनुरूप है। Infosys और Mphasis के शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए और दोनों 7% से अधिक गिर गए। LTIMindtree, Wipro, Coforge, TCS, Mphasis और HCL Tech में 5-6% की गिरावट आई। Wipro के शेयर करीब 4% गिरे। Nifty IT इंडेक्स के शेयरों का संयुक्त बाजार मूल्य 1.9 लाख करोड़ रुपये घटकर लगभग 30 लाख करोड़ रुपये रह गया।

निवेशक क्यों घबराए?

उन कंपनियों के शेयर में ज्यादा गिरावट आई जो कानूनी सॉफ्टवेयर, प्रोफेशनल एनालिटिक्स और डेटा सेवाएं बेचती हैं। अमेरिकी शेयर भी इससे हिल गए। निवेशकों को डर है कि यह टूल कानूनी सॉफ्टवेयर और डेटा सेवा कंपनियों के मुख्य व्यवसायों को नुकसान पहुंचा सकता है। बाजार के प्रतिभागियों को डर है कि जैसे-जैसे AI टूल अधिक सक्षम होते जाएंगे, टेक्नोलॉजी कंपनियां अपनी मूल्य निर्धारण शक्ति (pricing power) को बनाए रखने और लाभप्रदता को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर सकती हैं। निवेशकों को यह भी डर है कि यह प्लगइन बैक-ऑफिस लीगल काम को ऑटोमेट कर देगा, जो अमेरिकी और यूरोपीय ग्राहकों की सेवा करने वाले भारतीय आउटसोर्सिंग के लिए एक मुख्य राजस्व स्रोत रहा है।

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