‘जब गौतम बुद्ध मिले सम्राट अशोक से’, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का गजब का ज्ञान

पटना: बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार को सम्राट अशोक की 2370वीं जयंती मनाई गई। इसे अखिल भारतीय युवा कुशवाहा समाज ने आयोजित किया था। पटना के रवींद्र भवन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी पहुंचे। लेकिन यहां उनके भाषण के बाद उनकी जानकारी पर सवाल उठने लगे हैं।

सम्राट चौधरी ने ऐसा क्या कह दिया, जानिए

सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘पहले भी कई राजा हुए, लेकिन कभी भी अखंड भारत का सपना साकार नहीं हो पाया। लेकिन सम्राट अशोक के दो चेहरे हैं। मैं इसलिए कह रहा हूं कि ये बिहार की उत्पत्ति हैं। यहां से दो चेहरे दिखे। एक चंड अशोक दिखा जिसने सारी मर्यादाओं को लांघा और इस अखंड भारत की कल्पना को जमीन पर लाने का काम किया।’ यहीं पर सम्राट चौधरी गड़बड़ कर गए।

सम्राट चौधरी कहा- जब अशोक और बुद्ध की मुलाकात हुई

आगे सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘सम्राट अशोक का दूसरा चेहरा तब दिखा, जब गौतम बुद्ध से उनकी मुलाकात हुई। भगवान गौतम बुद्ध ने जो शिक्षा दी, उनकी जो करुणा थी, उस करुणा के साथ जब वो (अशोक) खड़े हुए, तो दुनिया में शांति का संदेश भी सम्राट अशोक ने दिया साथियों।’ अब इस वीडियो को पोस्ट कर कई लोग, पत्रकार सम्राट चौधरी के ज्ञान पर सवाल उठा रहे हैं।

अब समझिए कहां है पेच

दरअसल सम्राट अशोक और भगवान गौतम बुद्ध दोनों के ही कालखंड बिल्कुल अलग-अलग हैं। माना जाता है कि भगवान गौतम बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था जो नेपाल में है। उनका नाम सिद्धार्थ था और उनका जन्म 563 ईसा पूर्व के आसपास का बताया जाता है। गौतम बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक थे। बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।

सम्राट अशोक का जन्म गौतम बुद्ध के महानिर्वाण के 2500 साल बाद

वहीं सम्राट अशोक के बारे में माना जाता है कि उनका जन्म 304 ईसा पूर्व हुआ था। वहीं उनका शासनकाल 268 ई.पू. से 232 ईसा पूर्व के बीच माना जाता है। इस लिहाज से भी भगवान गौतम बुद्ध और सम्राट अशोक के कालखंडों के बीच 250 साल का अंतराल है। ऐसे में दोनों की मुलाकात होना संभव ही नहीं है। ये बात सही है कि कलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक मारे गए सैनिकों के शवों और रक्त की धारा देख द्रवित हो गए। इसके बाद उन्होंने बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया और हिंसा को सदा के लिए त्याग दिया।

सम्राट चौधरी का बयान बन गया आलोचना का विषय

अब सम्राट चौधरी ने अपने बयान में ये कह दिया कि सम्राट अशोक की गौतम बुद्ध से मुलाकात हुई। जबकि ये संभव ही नहीं हैं। सम्राट अशोक के जन्म से 250 साल पहले ही भगवान बुद्ध महानिर्वाण (शरीर त्यागना) कर चुके थे। ऐसे में सम्राट अशोक और गौतम बुद्ध के मुलाकात की बात कर सम्राट चौधरी आलोचना का शिकार हो गए हैं।

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