दिवाली से पहले ग्राहक किस जैकपॉट का कर रहे इंतजार? जानें खरीदारी को लेकर अभी क्या है मूड

नई दिल्ली: गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) में कमी की खबर से ग्राहक और कंपनियां खुश हैं। लेकिन इससे दुकानदारों के लिए एक अजीब परेशानी खड़ी हो गई है। ये परेशानी ऑफलाइन (दुकानों) और ऑनलाइन, दोनों तरह के दुकानदारों को हो रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक कंपनियों का कहना है कि त्योहारों में जो बिक्री बढ़ती है, वो इस बार धीमी है। महाराष्ट्र में गणेश उत्सव और दक्षिण में ओणम से त्योहारों की शुरुआत होती है। लेकिन इस बार ग्राहक जीएसटी दरें कम होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि जीएसटी कम होने से सामान सस्ता हो जाएगा। इसलिए वे अभी खरीदारी नहीं कर रहे हैं।

ग्राहकों ने बनाई दूरी

कार और दूसरी चीजें बनाने वाली कंपनियों और दुकानदारों ने बताया, ‘हमें चिंता हो रही है क्योंकि त्योहारों की शुरुआत में बहुत अच्छी बिक्री होती है। दशहरा और दिवाली तक ये बिक्री चलती है। लेकिन जीएसटी की दरें कम होने की खबर से ग्राहक बाजार से दूर हैं। वे इंतजार कर रहे हैं कि कब जीएसटी कम होगा और कीमतें घटेंगी।’

फ्रिज, टीवी और एयर कंडीशनर (AC) जैसे सामान बेचने वाले दुकानदारों का भी यही हाल है। एक बड़ी कंपनी के सीईओ ने कहा, ‘हमारे पास ग्राहक लगातार पूछ रहे हैं कि कीमतें कब कम होंगी। वे कह रहे हैं कि कीमतें कम होने के बाद ही वे सामान खरीदेंगे।’ जीएसटी में संभावित कटौती की वजह से एलजी, सैमसंग और सोनी जैसे ब्रांड की टीवी की बिक्री भी कम हो रही है।

जीएसटी को लेकर सरकार का प्लान

सरकार जीएसटी की दरों को ठीक करने पर काम कर रही है। उम्मीद है कि कुछ चीजों पर टैक्स कम हो जाएगा। जैसे कि छोटी कारें और दोपहिया वाहन (मोटरसाइकिल) पर जीएसटी 28% से घटकर 18% हो सकता है। एसी, 32 इंच से बड़े टीवी और डिशवॉशर पर भी जीएसटी कम होने की उम्मीद है।

कंपनियां अब मुश्किल में हैं। कीमतें तभी कम होंगी जब जीएसटी काउंसिल दरों को कम करने की मंजूरी देगी और नई टैक्स दरें बताएगी। लेकिन ग्राहकों ने इंतजार करने का फैसला कर लिया है। कई लोग तो कार की बुकिंग भी रद्द कर रहे हैं।

कंपनियों पर पड़ेगी मार!

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोटिव डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के सीईओ साहर्ष दमानी ने कहा कि उन्होंने इस बारे में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी से बात की है। उन्होंने कहा कि केरल और महाराष्ट्र में बिक्री कम हो रही है। डीलरों के पास बहुत सारा सामान रखा हुआ है क्योंकि उन्हें त्योहारों में बिक्री बढ़ने की उम्मीद थी।

अगर ये सामान 60 दिनों में नहीं बिका तो बैंकों को ज्यादा ब्याज देना होगा और जुर्माना भी लगेगा। दमानी ने बताया कि वे बैंकों, कार और दोपहिया वाहन कंपनियों और सरकार से मदद मांग रहे हैं। मंत्रियों ने उन्हें मदद का भरोसा दिया है।

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