बिकने जा रही है व्हर्लपूल इंडिया, मुकेश अंबानी ने भी दिखाई थी दिलचस्पी, जानिए कौन है खरीदार

नई दिल्ली: होम अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनी व्हर्लपूल इंडिया बिकने जा रही है। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की प्राइवेट इक्विटी फर्म एडवेंट इंटरनेशनल इसमें बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के बहुत करीब पहुंच गई है। वॉशिंग मशीन, किचनएड और रेफ्रिजरेटर जैसे घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनी व्हर्लपूल अपनी लागत कम करना चाहती है। कंपनी अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में ब्लेंडर और कॉफी मेकर जैसे ज्यादा प्रॉफिट देने वाले उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है। केकेआर, टीपीजी, ईक्यूटी, बैन जैसे बायआउट पीई ग्रुप्स के साथ-साथ हैवल्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई थी।

सूत्रों के मुताबिक एडवेंट इंटरनेशनल और व्हर्लपूल इंडिया की पैरेंट कंपनी व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन के बीच बातचीत के अंतिम दौर में है। एडवेंट इसमें 31% हिस्सेदारी खरीदना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक इस साल के अंत तक डील फाइनल हो सकती है। भारतीय नियमों के अनुसार, इस शेयर खरीद से कंपनी के 26% अतिरिक्त शेयर के लिए भी एक ओपन ऑफर शुरू होगा। अगर यह ऑफर पूरी तरह से सब्सक्राइब हो जाता है, तो एडवेंट कंपनी का 57% हिस्सा अपने नाम कर लेगी।

पेरेंट कंपनी की हिस्सेदारी

इस डील की कुल कीमत मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से 9682.88 करोड़ रुपये होगी। इसके बाद व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन कंपनी में एक छोटी हिस्सेदारी वाली कंपनी बनकर रह जाएगी, जिसके पास कंपनी का एक चौथाई से भी कम हिस्सा होगा। एडवेंट के लिए यह भारत में अप्लायंसेज सेक्टर में तीसरी बड़ी खरीद होगी। इससे पहले, 2015 के बाद से एडवेंट ने क्रॉम्प्टन ग्रीव्स के कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल बिजनेस और यूरेका फोर्ब्स को भी खरीदा है।डील में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि फाइनल ड्यू डिलिजेंस और कागजी कार्रवाई का काम चल रहा है। बैन और EQT नाम की दो अन्य बड़ी प्राइवेट इक्विटी फर्म भी इस डील में दिलचस्पी रखती थीं, लेकिन बाद में वे पीछे हट गईं। हालांकि, कुछ हालिया कॉर्पोरेट डेवलपमेंट के कारण एडवेंट की इस बिजनेस में दिलचस्पी फिर से बढ़ गई है। व्हर्लपूल कॉर्प और व्हर्लपूल इंडिया को भेजे गए ईमेल का जवाब रविवार शाम तक नहीं मिला था।

शेयरों की चाल

अगर एडवेंट के साथ बातचीत भी फेल हो जाती है, तो कंपनी ब्लॉक डील के जरिए इक्विटी का कुछ हिस्सा फिर से बेचने पर विचार कर सकती है। इस साल अब तक व्हर्लपूल इंडिया के शेयर 26% गिर चुके हैं। कंपनी के हालिया नतीजे बताते हैं कि पिछले सात तिमाहियों में कंपनी का रेवेन्यू सबसे कम रहा है, जो भारत में परिचालन संबंधी चुनौतियों का संकेत देता है। हालांकि, अमेरिका में तीसरी तिमाही में बिक्री 1% बढ़ी है, लेकिन एक नॉन-कैश लॉस के कारण मुनाफा कम हुआ है।

शुक्रवार को व्हर्लपूल इंडिया का शेयर बीएसई पर 1338.95 रुपये प्रति शेयर पर सपाट बंद हुआ। इस कीमत पर कंपनी का मार्केट कैप 16,987.50 करोड़ रुपये था। पिछले साल 22 अक्टूबर को कंपनी का शेयर 2449 करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन उसके बाद इसमें गिरावट आई। व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन की व्हर्लपूल इंडिया में 51% हिस्सेदारी है। व्हर्लपूल भारत में रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन के टॉप चार ब्रांडों में से एक है। यह मुख्य रूप से प्रीमियम सेगमेंट में मौजूद है, जिस पर फिलहाल एलजी और सैमसंग का दबदबा है।

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