यह दु:ख काहे कम नहीं हो रहा है! अब सीसीआई के शिकंजे में फंसी इंडिगो

नई दिल्ली: आप जानत ही होंगे कि देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) है। इसने बीते दिसंबर महीने के दौरान बड़े पैमाने पर अपनी फ्लाइट्स कैंसिल की थी। हजारों फ्लाइट्स कैंसिल करने की वजह से यह कंपनी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India) के शिकंजे में फंसी है। खबर आई है कि सीसीआई ने इंडिगो के खिलाफ विस्तृत जांच का आदेश दिया है।

पीक डिमांड के सीजन में किया ऐसा

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) का मानना है कि दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर उड़ानों को रद्द करने से पीक डिमांड (जब सबसे ज्यादा लोग सफर करना चाहते हैं) के दौरान यात्रियों को भारी परेशानी हुई। इससे भारतीय एविएशन बाजार पर भी बुरा असर पड़ा। सीसीआई ने अपने महानिदेशक (DG) को इस मामले की जांच करने और 90 दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही आयोग आगे की कार्रवाई तय करेगा।

इंडिगो के लिए मुसीबत

CCI का यह आदेश इंडिगो के लिए एक और बड़ी मुसीबत लेकर आया है। इससे पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) भी इंडिगो पर कार्रवाई कर चुका है। DGCA ने दिसंबर की शुरुआत में ही इंडिगो के विंटर शेड्यूल में कटौती कर दी थी। उसके शिड्यूल में 10% की कटौती हुई थी। सीसीआई ने यह भी कहा है कि जिन यात्रियों ने टिकट बुक कराए थे, उनके पास आखिरी समय में कैंसिल हुई फ्लाइट्स को स्वीकार करने और खुद ही काफी महंगी दरों पर दूसरे विकल्प खोजने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा था। आयोग ने कहा, "एक प्रमुख कंपनी द्वारा ऐसा आचरण प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा 4(2)(b)(i) के तहत सेवाओं के प्रावधान को प्रतिबंधित करने वाला माना जा सकता है।"

कितनी फ्लाइट्स हुई थी कैंसिल

आयोग के आदेश के मुताबिक, 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो ने 2,507 उड़ानें रद्द कर दीं थीं। इसके साथ ही तब 1,852 फ्लाइट्स में देरी हुई थी। इससे देशभर के हवाई अड्डों पर एयर पैसेंजर्स जहां के तहां अटक गए थे। बताया जाता है कि उस वजह से 3 लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए थे। डोमेस्टिक एविएशन मार्केट में करीब 65% हिस्सेदारी रखने वाली इस कंपनी ने ये फ्लाइट्स पायलटों के लिए रेस्ट के नए नियमों को लागू करने में अपनी विफलता के कारण हुए गंभीर क्रू (कर्मचारी) की कमी के चलते रद्द कीं।

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