क्या खत्म हो जाएगी NATO की ‘कलेक्टिव डिफेंस’ की शक्ति? ट्रंप के नए प्रस्ताव से यूरोपीय देशों में हड़कंप

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही नाटो गठबंधन के खिलाफ बड़ा कदम उठा सकते हैं। वह नाटो के उन देशों को गठबंधन के चार्टर के पांचवें अनुच्छेद के इस्तेमाल से रोक सकते हैं, जो अपना रक्षा खर्च 5 प्रतिशत तक नहीं बढ़ा सके हैं। ट्रंप पहले भी नाटो सदस्य देशों को अपना रक्षा खर्च तय सीमा तक बढ़ाने को लेकर कई बार चेतावनी दे चुके हैं। हालांकि, अब भी बड़ी संख्या में नाटो देश अपने रक्षा खर्च को 5 प्रतिशत तक नहीं बढ़ाया है। इससे ट्रंप नाराज हैं। ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के दौरान नाटो देशों की निष्क्रियता से भी ट्रंप नाराज हैं।

नाटो को समर्थन बंद कर सकता है अमेरिका

स्पुतनिक की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने पहले भी यह माना है कि गठबंधन की कुछ कार्रवाइयों के चलते अमेरिका NATO को अपना समर्थन देना बंद कर सकता है। शुक्रवार क आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप जिन प्रस्तावों पर विचार कर रहे हैं, उनके तहत NATO के ऐसे सहयोगी देशों को, जो रक्षा खर्च के नए लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाते, संयुक्त अभियानों के विस्तार और सामूहिक रक्षा से जुड़े NATO चार्टर के पांचवें अनुच्छेद को सक्रिय करने जैसे फैसलों में शामिल होने से रोका जा सकता है।

नाटो के बारे में जानें

  • नाटो यूरोप और उत्तरी अमेरिका के देशों के बीच एक शक्तिशाली सैन्य और राजनीतिक गठबंधन है।
  • नाटो का प्राथमिक लक्ष्य अपने सदस्य देशों की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
  • नाटो को मूल रूप से द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सोवियत संघ के प्रभाव को रोकने के लिए बनाया गया था।
  • वर्तमान में नाटो के 32 सदस्य हैं। हाल ही में फिनलैंड (2023) और स्वीडन (2024) इसके नए सदस्य बने हैं।
  • नाटो का मुख्यालय ब्रसेल्स, बेल्जियम में स्थित है और गठबंधन के सभी निर्णय सदस्य देशों की सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।
  • नाटो सदस्य देशों के लिए रक्षा खर्च को उनकी जीडीपी का 2% से बढ़ाकर 3.5% करने पर चर्चा चल रही है।

अमेरिका क्या कर रहा मांग

सूत्रों ने बताया कि अमेरिका ने कई बैठकों में इस मॉडल को जोर-शोर से बढ़ावा दिया; हालाँकि, अन्य सूत्रों के अनुसार, ब्रसेल्स स्थित NATO मुख्यालय में इस विचार पर आधिकारिक तौर पर कोई चर्चा नहीं हुई है। ट्रंप ने कई बार यूरोप पर यह आरोप लगाया है कि वह अपनी रक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है। उन्होंने यूरोपीय सहयोगी देशों की इस बात के लिए आलोचना की है कि वे रक्षा पर बहुत कम खर्च करते हैं, और उन्होंने मांग की है कि वे अपने खर्च को बढ़ाकर GDP का 5% करें।

नाटो सम्मेलन में क्या सहमति बनी थी

जून 2025 में हेग में आयोजित NATO शिखर सम्मेलन के दौरान, सहयोगी देशों ने अपने रक्षा खर्च को बढ़ाकर GDP का 3.5% करने पर सहमति जताई थी। बची हुई 1.5% राशि साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण सड़क बुनियादी ढांचे जैसे संबंधित क्षेत्रों के लिए आवंटित की जानी थी।

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