‘वर्क प्रेशर बना सकता है समलैंगिंक’, मुस्लिम देश मलेशिया के मंत्री ने संसद में दिया विवादित बयान, भड़के लोग

कुआलालांपुर: मलेशिया के एक मंत्री के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है कि काम से जुड़ा तनाव यानी वर्क प्रेशर एक ऐसा कारण है, जो लोगों को समलैंगिक बनने के लिए प्रेरित करता है। मलेशियाई मंत्री ने संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में ये बात कही है जिसके बाद ऐसे दावों को लेकर बहस शुरू हो गई है। उनके बयान की नागरिकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर मजाक उड़ाते हुए आलोचना की। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, मलेशिया के प्रधानमंत्री विभाग (धार्मिक मामलों) के मंत्री डॉ. जुल्किफली हसन ने कहा कि वर्क प्रेशर उन कारणों में से एक हो सकता है जो लोगों को LGBT जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करता है।

मंत्री जुल्फिकली विपक्षी पार्टी PAS की सांसद सीटी जैलाह मोहम्मद यूनुस के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। सीटी जैलाह ने मलेशिया में LGBT रुझानों के बारे में जानकारी मांगी थी। लिखित जवाब में मंत्री ने कहा कि सामाजिक प्रभाव, यौन अनुभव, काम का तनाव और अन्य व्यक्तिगत कारक संभावित कारणों की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने 2017 की एक स्टडी का हवाला देते हुए कहा कि LGBT जीवशैनली में जाने के लिए ये कारक प्रभावित कर सकते हैं। अपने जवाब में उन्होंने लिखा कि धार्मिक प्रथाओं में कमी भी इसमें योगदान दे सकती है।

मंत्री के बयान का उड़ रहा मजाक

मंत्री ने कहा कि सरकार के पास देश में LGBT आबादी के बारे में आंकड़े नहीं हैं। वहीं, मंत्री के बयान का उनके ही देश में मजाक उड़ रहा है। कुछ लोगों ने तंज कसा और पूछा कि क्या मंत्री संसद में कड़ी मेहनत नहीं करते हैं, क्योंकि वह अभी तक जाहिर तौर पर गे नहीं बने हैं। एक यूजर ने मजाक किया, मुझे सच में हैरानी है कि मेरा पूरा ऑफिस अब तक गे क्यों नहीं हो गया। एक अन्य ने लिका, बस कम घंटे काम करने के लिए मैं इस स्टडी को स्वीकार करूंगा और समर्थन करूंगा।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *