वर्ल्ड चैंपियन क्रांति का भोजपुरी गानों पर डांस:छतरपुर में देर रात तक जश्न और आतिशबाजी

छतरपुर, भारतीय महिला क्रिकेट की विश्व विजेता टीम की मेंबर क्रांति गौड़ शुक्रवार देर रात छतरपुर जिले में अपने गृह नगर घुवारा पहुंचीं। उनके आगमन पर गांव में दिवाली जैसा उत्सव मनाया गया। हालांकि, रोड शो और स्वागत कार्यक्रमों के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति भी बनी। क्रांति को धक्का तक लग गया।

रोड शो के दौरान जगह-जगह स्वागत हुआ। लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। घुवारा पहुंचने पर क्रांति ने अपने दोस्तों और परिवार के साथ भोजपुर गीतों पर डांस किया।

इससे पहले शुक्रवार को ही भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस पर आयोजित समारोह में क्रांति सिंह को मोमेंटो और शॉल देकर सम्मानित किया।

इस दौरान सीएम ने क्रांति के पिता मुन्ना सिंह की पुलिस विभाग में बहाली किए जाने की घोषणा की। साथ ही, छतरपुर में विश्व स्तरीय स्टेडियम बनाने की भी घोषणा की गई।

एयरपोर्ट से रोड शो, मंदिर में टेका माथा शुक्रवार दोपहर को क्रांति गौड़ का खजुराहो एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया था। इसके बाद वह कार की छत पर बैठकर अभिवादन करती रहीं। रास्ते भर उन पर फूल बरसे और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगे। घुवारा पहुंचने से पहले क्रांति ने चौपरिया सरकार मंदिर पहुंचकर हनुमानजी के समक्ष माथा टेका।

घुवारा में तुलादान के दौरान मची भगदड़, क्रांति को लगा धक्का छतरपुर के घुवारा नगर पहुंचने पर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अभय प्रताप सिंह के घर पर क्रांति गौड़ का तुलादान कार्यक्रम रखा गया था। इसी दौरान अचानक भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सुरक्षा घेरा टूटने से क्रांति को धक्का लग गया। जब वह भीड़ में घिरीं, तो स्थानीय लोगों ने आगे बढ़कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। उत्साह इतना ज्यादा था कि पुलिस को कई बार भीड़ को हटाना पड़ा।

घर पर दिवाली जैसा माहौल, 4 क्विंटल लड्डू बंटे देर रात जब क्रांति अपने घर पहुंचीं, तो वहां दीपावली जैसा उत्सव दिखा। ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और फूलों की बारिश के बीच लोगों ने उनका स्वागत किया। क्रांति के घर को भी फूलों से सजाया गया था। परिवार के सदस्यों ने जीत की खुशी में 4 क्विंटल लड्डू बांटे। क्रांति के पिता ने कहा कि उन्हें बेटी की उपलब्धि पर गर्व है।

क्रांति का संदेश- ‘लड़का-लड़की में अंतर न समझें’ घर पहुंचने पर क्रांति गौड़ भी खुशी से झूम उठीं और ढोल-नगाड़ों व डीजे की धुन पर जमकर डांस किया। उनके पिता ने उन्हें माला पहनाई। इस अवसर पर क्रांति गौड़ ने कहा कि, "बुंदेलखंड में किसी भी क्षेत्र में लड़का-लड़की में कोई अंतर नहीं समझा जाना चाहिए।"

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