भारत-अमेरिका डील से घबराए यूनुस, ट्रंप के साथ सीक्रेट समझौते की कोशिश में लगे, आखिर क्यों बढ़ी बौखलाहट
ढाका: भारत के अमेरिका के साथ बहुचर्चित व्यापार समझौते ने बांग्लादेश सरकार की चिंता बढ़ा दी है। डोनाल्ड ट्रंप के भारत के साथ ट्रेड डील की घोषणा के बाद बांग्लादेश भी जल्दी से जल्दी अमेरिका के साथ समझौता चाहता है। बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अमेरिका के साथ इस ट्रेड एग्रीमेंट को सीक्रेट रखा है, जिसे वह 12 फरवरी यानी चुनाव से पहले करना चाहते हैं। यूनुस के अमेरिकी डील को सीक्रेट रखने पर कई सवाल उठ रहे हैं। एक्सपर्ट पूछ रहे हैं कि यूनुस को इस डील की जल्दी क्यों है। चुनाव के बाद बनने वाली सरकार के लिए यूनुस इसे क्यों नहीं छोड़ रहे हैं।
इंडिया टुडे के मुताबिक, यूनुस की अमेरिका संग डील की गोपनीयता ने बांग्लादेश में निर्यातक संगठनों और टेक्सटाइल सेक्टर के स्टेकहोल्डर्स को फिक्र में डाल रखा है। इनका कहना है कि डील की शर्तें अमेरिका को होने वाले बांग्लादेशी निर्यात की कमर तोड़ सकती हैं। बांग्लादेश से अमेरिका को भेजे जाने वाले सामान में 90 फीसदी हिस्सा रेडीमेड कपड़े और टेक्सटाइल का है।
यूनुस के कदम से चिंता में कारोबारी
बांग्लादेशी कारोबारियों का कहना है कि देश का टेक्सटाइल उद्योग बीते साल डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ के चलते कमजोर पड़ गया है। इस मुश्किल वक्त में सीक्रेट डील से ये सेक्टर और कमजोर हुए तो बांग्लादेशी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से हिला सकती है। बांग्लादेशी कारोबारियों को लगता है कि ट्रंप की नजर उनके देश के सबसे प्रमुख रेडीमेड कपड़े के व्यापार पर है।
9 फरवरी को हो सकती है डील
अमेरिका-बांग्लादेश ट्रेड डील 9 फरवरी को साइन होने की संभावना जताई गई है। इसके तीन बाद यानी 12 तारीख को बांग्लादेश में चुनाव होना है। इससे स्वभाविक रूप से यह सवाल उठ रहा है कि यूनुस सरकार क्यों डील साइन कर रही है। वह इसे 12 फरवरी के बाद बनने वाली चुनी हुई सरकार के लिए क्यों नहीं छोड़ रही है।
अमेरिका के साथ बांग्लादेश की सीक्रेट डील में कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा है। इस शक की वजह यूनुस के अमेरिका से रिश्ते हैं। बांग्लादेशी अर्थशास्त्री अनु मोहम्मद का कहना है कि यूनुस ने चुनाव से कुछ दिन पहले एक बंदरगाह को लीज पर देने और हथियार आयात का सौदा किया है। इसने अमेरिका के साथ सीक्रेट डील पर शक को बढ़ाया है।
