बिहार में क्राइम पर जीरो टॉलरेंस! सम्राट चौधरी का ‘एनकाउंटर थ्योरी’ पर जोर,
पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीति अगर देश भर में चर्चा का विषय बनी तो वह फैक्टर था ‘थ्री सी’। इस ‘थ्री सी’ फैक्टर ने बिहार की सत्ता को काफी संवारा। ‘थ्री सी’ का मतलब क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म। वर्तमान सत्ता में नीतीश नीत सरकार में क्राइम कंट्रोल अब भाजपा की जिम्मेदारी बन चुकी है। गृह मंत्री बनते ही सम्राट चौधरी ने क्राइम के प्रति जीरो टॉलरेंस की रणनीति बनाते हुए एनकाउंटर थ्योरी पर ज्यादा ध्यान दिया। और यही वजह भी है कि वर्ष 2024 में एनकाउंटर के कम मामले सामने आए, जबकि वर्ष 2025 से अब तक एनकाउंटर मामले में काफी वृद्धि हुई। बानगी देखें…
एनकाउंटर और सम्राट चौधरी
बिहार पुलिस ने 2025 में विशेष रूप से STF के जरिए एनकाउंटर की संख्या बढ़ाई है। 2025 में STF की एनकाउंटर की संख्या बढ़कर 29 हुई, जबकि 2024 में यह केवल 8 थी। इनमें कई मामलों में अपराधियों पर फायरिंग हुई, कुछ को घायल किया गया, और कुछ मामलों में मौत/गंभीर चोट भी हुई (जैसे रोहिणी में 4 बिहार के गैंगस्टर ढेर किए गए)। ये मुठभेड़ संयुक्त रूप से बिहार और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुई।
विपक्ष का आरोप
राजद के वरीय नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की ओर से किए जा रहे एनकाउंटर पर सवाल उठाया। कहा कि, ‘राम मर्डर कर रहे हैं, और रहीम को फंसाया जा रहा है।’ उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार सरकार अपराधियों के नाम पर सिर्फ एक खास जाति और धर्म के लोगों को टारगेट कर रही है। हम हर दिन देखते हैं कि फलाना राय, फलाना यादव, फलाना गोप, फलाना खान, फलाना ये, फलाना वो.. क्या इस धरती पर सिर्फ एक ही जाति के लोग अपराधी हैं? उनका यह बयान तब आया जब सूर्य डॉन के एनकाउंटर का मामला आया।
बिहार सरकार की मजबूरी
बिहार सरकार की मजबूरी यह है कि राज्य में आपराधिक घटनाएं अचानक से होने लगी। वर्ष 2025 में 2556 हत्या, 2025 रेप हुए और 174 डकैती की घटना हुई। नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी के लिए नीतीश कुमार के सुशासन की छवि को बनाए रखना एक चुनौती बन गई। इसी क्रम में पुलिस को एनकाउंटर तक का निर्देश प्राप्त हुआ। अब इसे संयोग कह लें कि एनकाउंटर जिनके साथ हुए, उनमें अधिकांश एक की जाति के थे।
