48.32 लाख लोगों को फ्री में रजिस्ट्री कराकर देगी सरकार, 8वीं तक के बच्चों को स्कूल ड्रेस सिलवाकर देंगे
भोपाल। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसमें धार की भोजशाला में सरस्वती लोक बनाने पर फैसला हुआ। इसके साथ ही गोरस एप शुरू करने पर भी निर्णय लिया गया। मंत्री चैतन्य कश्यप ने मंत्रिमंडल की बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में 2 लाख से अधिक संरचनाओं पर काम हुआ है, इसके लिए साढ़े छह हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं।
वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में मध्य प्रदेश में 40 लाख घरों पर रुफटॉप पैनलिस्ट स्थापित हो चुके हैं। स्वामित्व योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी क्षेत्र में किस जो रहते थे उनके पास पत्ता या अधिकृत दस्तावेज नहीं होता था। एमपी में 48 लाख 32 हजार स्वामित्व प्रमाण पत्र तैयार किए गए हैं। 19 लाख से ऊपर शासकीय संपत्तियां भी चिह्नित हुई हैं। इसमें समस्या यह आ रही थी कि जो प्रमाण पत्र दिया जा रहा था उसे बैंकों द्वारा लोन लेने में दिक्कत आ रही थी।
रजिस्ट्री को लेकर बड़ा फैसला
पंजीकृत दस्तावेज नहीं होने के कारण यह समस्या आ रही थी। इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि सभी साढ़े 48 लाख लोगों को रजिस्टर्ड भेज देंगे और इसका कोई भी भार उनके ऊपर नहीं आएगा। पंजीयन शुल्क पंचायत को उपकार आदि राजस्व विभाग वहन करेगा। 3800 करोड रुपए का भारत सरकार पर आएगा।
हर व्यक्ति को रजिस्ट्री करके दस्तावेज प्राप्त होगा। मध्य प्रदेश देश में ऐसा करने वाला पहला राज्य बनेगा यह कैबिनेट में निर्णय लिया गया। मेडिकल कॉलेज की तीन योजनाओं को निरंतर 5 साल के लिए दी गई, संबद्ध अस्पतालों के लिए 14000 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
स्कूल ड्रेस के लिए जारी होगा टेंडर
जिला न्यायालय भवन इंदौर बन रहा है। 626 करोड रुपए पुनरीक्षित लागत को प्रशासकी स्वीकृति दी गई है, पहले यह 430 करोड रुपए थी। पहले से आठवीं तक के बच्चों को दो ड्रेस के 600 रुपये डीबीटी के माध्यम से दिए जा रहे थे।
यह देखने में आ रहा था कि ग्रामीण क्षेत्रों में उस तरह का कपड़ा मिलना और सिलाई की बराबर व्यवस्था न होने से अवस्था बढ़ रही है। इसलिए यह निर्णय लिया गया है कि बच्चों के लिए ड्रेस सरकार से तैयार करके देगी। इसके लिए टेंडर किए जाएंगे और इनमें मध्य प्रदेश के वस्त्र उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी।
