रूस-चीन पर नजर रखेगी अमेरिका की स्पाई सैटेलाइट

35 हजार किमी. ऊंचाई पर रहस्यमयी ऑब्जेक्ट्स ढूंढेगी, स्पेस मिशन को खतरों से बचाएगी

न्यूयॉर्क । अमेरिका जल्द ही कई स्पाई सैटेलाइट्स लॉन्च करने वाला है। वो इसके जरिए चीन और रूस की उन सैटेलाइट्स और स्पेस व्हीकल्स की निगरानी करेगा, जो ऑर्बिट में चक्कर लगा रही दूसरे ऑब्जेक्ट्स को नष्ट कर सकते हैं। यह सैटेलाइट धरती से करीब 35,400 किमी ऊपर स्थापित की जाएगी। इस नेटवर्क को साइलेंट बार्कर नाम दिया गया है।
साइलेंट बार्कर जमीन पर स्थित सेंसर और लो ऑर्बिट सैटेलाइट को जोडऩे वाला अपनी तरह का पहला नेटवर्क होगा। इससे अमेरिका को ये जानने में मदद मिलेगी की अंतरिक्ष में क्या चल रहा है। दरअसल, हाल ही में रूस-चीन ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जो स्पेस में लॉन्च होने के साथ ही दूसरी सैटेलाइट्स को वहां से निकालने या उसे नष्ट करने में सक्षम हो। इसी के बाद अमेरिका ने स्पाई सैटेलाइट्स लॉन्च करने का फैसला लिया है।

दूसरी सैटेलाइट्स को ट्रैक करेगा साइलेंट बार्कर
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सैटेलाइट को बनाने वाले स्पेस फोर्स ने कहा- ये सैटेलाइट अमेरिका के सबसे जरूरी सिस्टम्स की तरफ बढ़ रहे खतरों से जुड़ी चेतावनी देने में सक्षम होगी। इसके अलावा ये समय से खतरे का पता लगाने के लिए लगातार स्पेस में मौजूद चीजों और दूसरी सैटेलाइट्स का खोजकर उन्हें ट्रैक करती रहेगी। साइलेंट बार्कर सैटेलाइट्स को जुलाई में लान्च किया जाएगा। लॉन्च की तारीख सोशल मीडिया पर 30 दिन पहले घोषित की जाएगी। इस साल की एनुअल थ्रेट रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक ने कहा था कि चीन के पास हथियार हैं, जो अमेरिका के साथ दूसरे देशों की भी सैटेलाइट को निशाना बना सकते हैं। चीन की आर्मी पीएलए ने सैन्य अभियान के तहत इन हथियारों को डेवलप किया है।

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