कैसे बनेगा ‘झुग्गी मुक्त भोपाल’? 13 साल पुराने आंकड़ों के भरोसे निगम, मुख्य मार्गों और फुटपाथों तक पहुंचीं झुग्गियां
भोपाल। राजधानी भोपाल को झुग्गी-मुक्त बनाने के दावे लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि नगर निगम आज भी 13 साल पुराने आंकड़ों के आधार पर योजनाएं बना रहा है।
शहर में झुग्गी बस्तियों की वास्तविक संख्या, उनमें रहने वाले परिवारों और आबादी को लेकर प्रशासन के पास कोई ताजा और प्रमाणिक सर्वे उपलब्ध नहीं है
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2013 में भोपाल में 388 झुग्गी बस्तियां थीं, जिनमें लगभग 1.50 लाख परिवार निवास करते थे।
लेकिन वर्तमान में अनुमान है कि शहर में 400 से अधिक झुग्गी बस्तियां हो चुकी हैं और इनमें करीब दो लाख परिवार तथा सात लाख से ज्यादा लोग रह रहे हैं।
हादसों का कारण बन रहीं झुग्गियां
शहर में अब मुख्य सड़कों, फुटपाथों और ओवरब्रिज के किनारों तक झुग्गियां बसने लगी हैं। इससे यातायात और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। भानपुर क्षेत्र के बापू मालदेव चौराहा के पास सड़क किनारे बनी झुग्गियों में हाल ही में ट्रक घुसने से हादसा भी हो चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिना अपडेट डेटा के पुनर्वास योजनाएं प्रभावी नहीं हो सकतीं। लगातार बढ़ती झुग्गियों से शहरी नियोजन भी प्रभावित हो रहा है।
2023 की रिपोर्ट भी ठंडे बस्ते में
सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2023 में झुग्गियों को लेकर एक पीपीटी रिपोर्ट तैयार की गई थी, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। न नया सर्वे हुआ और न ही नई बसाहटों को रिकॉर्ड में शामिल किया गया। बाद में रिपोर्ट को निरस्त कर दिया गया।
