संघी अरुण साव बने उपमुख्यमंत्री, सेवा-सुशासन के साथ अपराधियों, जिहादियों पर चलेगा बुलडोजर

बिलासपुर । लोरमी विधानसभा से विधायक अरुण साव ने आज साइंस कालेज ग्राउंड में उप मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। अरुण साव लगभग 33 साल से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। उन्होंने वकालत और राजनीति में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है। साव का पैतृक गांव लोहडिय़ा है। जहां बाल्यकाल से ही वे संघ के संपर्क में रहे। राष्ट्रवादी विचारों से ओतप्रोत अरुण साव ने बीकाम एसएनजी कालेज मुंगेली से तथा एलएलबी कौशलेंद्र राव विधि महाविद्यालय बिसालपुर से किया है। 
राजनीतिक जीवन में निरंतर पहचान बनाने के साथ ही साव वकालत में भी सक्रिय रहे। उन्होंने 1996 में सिविल न्यायालय मुंगेली से वकालत आरंभ की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में वकालत आरंभ की। इसके पश्चात वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में उप शासकीय अधिवक्ता, शाकीय अधिवक्ता एवं उप महाधिवक्ता जैसे पदों में रहे। सत्रहवीं लोकसभा में उन्होंने बिलासपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और लोकसभा सदस्य बने। 
लोकसभा में सांसद के रूप में अपने दायित्व का निर्वाह करते हुए उन्होंने अनेक मौकों पर सदन में बिलासपुर जिले की समस्याओं तथा छत्तीसगढ़ की समस्याओं एवं जरूरतों को सदन में रखा। इस बार उन्होंने लोरमी से चुनाव लड़ा और जीते।
साव साहू समाज से आते है। वे कृषक परिवार से है। उनका जन्म स्वर्गीय अभयराम साव के परिवार में हुआ। वे साहू समाज में विभिन्न पदों पर काम कर चुके है। साव सार्वजनिक जीवन के अनेक क्षेत्रों में सक्रिय रहें है और निरंतर अपने अनुभवों से सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं।
 

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