युवक की जान बचाने में सिम्स के चिकित्सक एक बार फिर सफल हुए हैं

बिलासपुर ।   सिम्स कैंसर विभाग में दुर्लभ कैंसर का इलाज किया गया है। जिसमें इलाज पूरी तरह से निश्शुल्क किया गया है। विकास कुमार (परिवर्तित नाम) उम्र 23 वर्ष को शरीर के विभिन्न अंगों में गांठ एवं लगातार बुखार की समस्या हो रही थी, परंन्तु विकास कुमार 3 से 4 महीने के लगातार प्रयासों के बावजूद इस बीमारी का निदान नही पाया। आखिर में मरीज ने रेडियोथेरैपी विभाग सिम्स से परामर्श किया। विभागाध्यक्ष डा़ चन्द्रहास ध्रुव और उनकी टीम ने युवक के सभी प्रारंभिक जांच कराए, साथ में सीटी स्कैन एवं बायोप्सी की भी सलाह दी। बायोप्सी जांच में कैंसर होना बताया गया, लेकिन कैंसर का प्रकार अभी भी स्पष्ट नहीं था। सीटी स्कैन के माध्यम चौकाने वाले परिणाम मिले, जिसमें युवक के शरीर में कई गांठे मिली।

आईएचसी जांच से यह पाया गया कि यह एक प्रकार का दुर्लभ कैंसर है। जिसका नाम प्रेसिडेंट मूलेरियन डक्ट सेड्रोम विथ जर्म सेल टयूमर आफ टेस्टिस है। चूंकि स्टेज विकसित था, इसलिए तुरन्त ही कीमोथेरैपी प्रारम्भ की गई। कुल 12 कीमोथैरेपी आयुष्मान योजना के माध्यम से निश्शुल्क की गई। जिसकी कीमत प्राइवेट हास्पिटल में लगभग 5 लाख रुपये है। वहीं अब छह माह के गहन चिकित्सा के बाद सभी जांच कराए गए, जिसमें किसी भी प्रकार का कैंसर नहीं पाया गया है। साफ है कि युवक की जान बचाने में सिम्स के चिकित्सक एक बार फिर सफल हुए हैं।

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