अयोध्या में कारसेवकों पर फायरिंग को सपा नेता मौर्य ने बताया शांति प्रयासों में राज्य का कर्तव्य

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने अयोध्या में कारसेवकों पर तत्कालीन सरकार की  फायरिंग को उचित बताते हुए इसे शांति प्रयासों में कर्तव्य पालन बताया। 
स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान को लेकर उनकी ही पार्टी के अंदर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने अपने सहयोगी पर पलटवार करते हुए कहा कि  जो सनातन पर विवादित बयान देते हैं उनको पहले अपने बाप के बारे में जानना चाहिए। अगर अपने बाप के बारे में जानेंगे तो ही वो सनातन के बारे में जान पाएंगे। गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह ने आगे कहा कि सनातन को जानने के लिए समझ की जरूरत है। अखिलेश यादव जी ने हम लोगों की मीटिंग में कहा है कि धर्म पर कोई बात नहीं करेगा।उन्होंने कहा कि किन परिस्थितियों में गोलियां चलाई गई थीं यह मुझे नहीं पता लेकिन, अब कोर्ट के निर्णय से राम मंदिर के निर्माण से  सनातनियों में हर्ष है। ऐसे में विवादित बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना अनुचित है। 
इससे पूर्व सपा विधायक ने कहा था कि राम हमारे आराध्य हैं। हम चाहतें हैं कि विधानसभा स्पीकर 22 जनवरी को सभी विधायकों को अयोध्या लेकर जाएं। हम रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचकर प्रभु का दर्शन करना चाहते हैं। इसे लेकर मैंने एक चिठ्ठी स्पीकर को लिखी है।  
उन्होंने कहा कि सपा में भी लाखों कार्यकर्ता हैं, जो भगवान राम को मानते हैं, जो सनातनी हैं। उन्हें ऐसे बयानों से दिक्कत हो रही होगी। मैं स्वामी को कहूंगा कि पहले अपनी बेटी को समझाएं जो केदारनाथ में दर्शन और रुद्राभिषेक के साथ ब्रह्म भोज करा रही हैं। ब्राह्मणों को भोज के बाद दक्षिणा भी दे रही हैं। मतलब जो आदमी अपनी बेटी को नहीं समझा पा रहा है वह पूरे हिंदुस्तान में घूमकर हिंदू धर्म पर बोल रहा कि ये धोखा है।  
राकेश सिंह ने कहा- मैं अखिलेश यादव से यही कहना चाहता हूं कि आपके निर्देश के बाद भी अगर स्वामी मौर्य नहीं मान रहे हैं तो कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
गौरतलब है कि इससे पहले राम मंदिर के उद्घाटन के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव को निमंत्रण दिए जाने को लेकर सस्पेंस खड़ा हो गया था। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार का बयान आया था कि अखिलेश को बुलाया गया है। हालांकि, आलोक कुमार के बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने कहा था कि वे आलोक कुमार को नहीं जानते हैं। अखिलेश ने यह भी कहा था कि वे जिसको जानते हैं, निमंत्रण भी उनसे ही लेते हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *