अमेरिका का दावा- ईरान की तरफ से इस्राइल पर दागे ड्रोन-मिसाइल मार गिराए

यरुशलम।  ईरान ने इस्राइल पर हवाई हमला बोला है। बताया गया है कि ईरान ने इस्राइल पर करीब 200 से ज्यादा ड्रोन्स और मिसाइल दागीं हैं। इनमें बैलिस्टिक मिसाइलें और क्रूज मिसाइलें शामिल हैं। इस हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव उभरना तय माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच संघर्ष की संभावना को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से भी बयान जारी किया गया है। गौरतलब है कि सीरिया में कुछ दिन पहले ही एक हमले में ईरान की विशेष सेना 'रेवोल्यूशनरी गार्ड्स' के कुछ सैनिक और कमांडर की जान गई थी। ईरान ने इस हमले के बाद बदला लेने की चेतावनी भी दी थी।

 

बाइडन बोले- अमेरिका ने पहले ही भेज दिए थे विध्वंसक पोत

बाइडन ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। उन्होंने कहा, ‘‘आज ईरान और यमन, सीरिया और इराक के उसके हमदर्दों ने इस्राइल में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए अचानक हमला किया। मैं इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।’’ बाइडन ने कहा कि इस्राइल की मदद करने के उनके निर्देश पर अमेरिकी सेना ने पिछले सप्ताह क्षेत्र में विमान और बैलेस्टिक मिसाइल रक्षा विध्वंसक भेजे थे। उन्होंने कहा, ‘‘इन तैनाती और हमारे सैनिकों की दक्षता के कारण हम लगभग सभी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने में इस्राइल की मदद कर पाए।’’

अमेरिका ने बुलाई जी-7 देशों की बैठक

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राइल पर ईरान के हमले की निंदा की और स्थिति पर चर्चा और आगे की कार्रवाई के लिए जी-7 नेताओं की बैठक बुलाई है। बाइडन की इस प्रतिक्रिया के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने के प्रयासों में मदद की। इस्राइल ने कहा कि उसने और उसके सहयोगी देशों ने ईरान की ओर से दागी गईं 200 से अधिक ड्रोन और मिसाइलों में से अधिकतर को बीच में ही रोक दिया है।

ईरान ने अमेरिका को दी संघर्ष से दूर रहने की चेतावनी

इस्राइल-हमास के बीच जारी युद्ध के साथ इस्राइल-ईरान के बीच भी संघर्ष शुरू हो चुका है। दरअसल, हाल ही में सीरिया के ईरानी दूतावास में हमले के बाद से ही ईरान इस्राइल पर बौखलाया हुआ है। इस हमले के लिए ईरान ने इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया है। जवाबी कार्रवाई करने की धमकी देते हुए ईरान ने शनिवार को इस्राइल में दर्जनों ड्रोन भी दागे। हमले को देखते हुए अमेरिका इस्राइल के बचाव में सामने आया है। ईरान ने अमेरिका के समर्थन का विरोध किया है। उन्होंने अमेरिका को इस हमले से दूर रहने को कहा है। ईरान ने धमकी देते हुए कहा कि अगर इस्राइल ने एक और गलती की तो इसका अंजाम गलत होगा।

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