भोपाल में पेट्रोल-डीजल का ‘क्राइसिस’, आशंका के बीच तेल कंपनियों ने मशीनों में सेट की लिमिट, खाली हो गए कई पेट्रोल पंप

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी और सीमित स्टॉक की आशंका के बीच तेल कंपनियों ने ईंधन की बिक्री पर कैपिंग (सीमित बिक्री) शुरू कर दी है। इसका सीधा असर बुधवार रात को राजधानी की सड़कों पर देखने को मिला।

शहर के बीचों-बीच स्थित कटारे पेट्रोल पंप और रायसेन रोड स्थित प्रभात पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया, जिसके चलते रात 10 बजे से पहले ही वहां बिक्री रोक दी गई और सैकड़ों वाहन चालकों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।

मशीनों में सेट की गई लिमिट

मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप एसोसिएशन के मुताबिक, कंपनियों ने एक दिन पहले से ही पेट्रोल पंपों की मशीनों के नोजल में एक निश्चित लिमिट सेट कर दी है। इसके कारण एक बार में तय सीमा से अधिक डीजल नहीं दिया जा रहा है और सीमा पार होते ही मशीनें ऑटोमैटिक लॉक हो रही हैं।

मांग के मुकाबले सप्लाई में भारी कटौती

एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि करीब 20 दिन पहले तक डिपो से पंपों तक रोजाना 220 टैंकरों के जरिए सप्लाई हो रही थी, जिसे अब घटाकर महज 160 टैंकर कर दिया गया है। मांग के मुकाबले सप्लाई कम होने से ग्रामीण इलाकों के कई पंप ‘ड्राई’ यानी खाली होने लगे हैं।

वहीं, काजीकैंप स्थित शीबा पेट्रोल पंप के मैनेजर सलमान और करोंद क्षेत्र के संचालकों का कहना है कि बाजार में शॉर्टेज (किल्लत) की अफवाहों के चलते ग्राहक घबराहट में जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे संकट और बढ़ गया है।

प्रशासन का दावा- स्थिति नियंत्रण में

ईंधन संकट की खबरों के बीच जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने लालघाटी, करोंद, भानपुर और अयोध्या बायपास क्षेत्र के पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया। प्रशासन का दावा है कि शहर में फिलहाल सप्लाई सामान्य है और किसी भी तरह की कालाबाजारी को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

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