बिहारी, बंगालियों समेत 30 महिला शामिल करना जरूरी

भोपाल । दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद अब कभी भी मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष के चुनाव की तारीख का ऐलान हो सकता है। बीजेपी ने जिला और मंडल की कार्यकारिणी गठित करने सभी जिला प्रभारियों, जिला अध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों को गाइडलाइन भेज दी है। शहरी और कस्बाई क्षेत्र में रहने वाले विभिन्न भाषाई और सामाजिक समूहों के लोगों को कार्यकारिणी में शामिल किया जाएगा। बंगाली, मराठी, तमिल, कन्नड़, बिहारी समुदाय के कार्यकर्ताओं को भी पदाधिकारी बनाया जाएगा। जिला और मंडल की कार्यकारिणी में स्थानीय समीकरणों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जिले में 30 महिलाओं को भी जगह दी जाएगी। कार्यकारिणी गठित होने के बाद 20 प्रकोष्ठों का गठन किया जाएगा।
बीजेपी के प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी की ओर से जिलों और मंडल की कार्यकारिणी गठन के लिए गाइडलाइन भेजी गई है। जिलों में संगठन चुनाव के लिए नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक अब जिला और मंडल की कार्यकारिणी के गठन की भी निगरानी करेंगे। मंडल और जिला स्तर पर कार्यकारिणी में 40 फीसदी पदाधिकारी नए नियुक्त किए जाएंगे। एसटी, एससी महिलाओं को भी टीम में जगह दी जाएगी।
मनमर्जी से सदस्य और प्रवक्ता नहीं बना सकेंगे
संगठन की ओर से यह साफ कहा गया है कि कार्यकारिणी सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्य और प्रवक्ताओं की बड़ी संख्या में नियुक्ति की जाती रही है। बिना भूमिका और गतिविधियों के नियुक्ति से पदों की गरिमा प्रभावित होती है। इसलिए निर्धारित संख्या में ही ये नियुक्तियां होनी चाहिए। मतलब अब मनमर्जी से सदस्य और प्रवक्ता नहीं बनाए जा सकेंगे।

चार पदाधिकारियों को फिर मिल सकता है मौका
जिले और मंडल की टीम में से चार पदाधिकारियों को पिछले कार्यकाल में अच्छी परफॉर्मेंस होने पर आगे मौका मिल सकता है। पार्टी की ओर से कहा है कि कार्यालय मंत्री, कोषाध्यक्ष, आईटी/सोशल मीडिया और मीडिया के संयोजकों को जरूरी होने पर ही बदला जाना चाहिए।

मोर्चा और प्रकोष्ठों में बाद में होंगी नियुक्तियां
प्रदेश में बीजेपी के 20 प्रकोष्ठ गठित किए जाएंगे। इनमें 12 प्रकोष्ठ राष्ट्रीय कार्यालय की ओर से तय हैं 8 प्रकोष्ठ प्रदेश स्तर पर तय किए जाएंगे। मोर्चा और प्रकोष्ठ के गठन के लिए प्रदेश फिर जिला उसके बाद मंडल स्तर पर नियुक्ति की जाएगी। इन नियुक्तियों में मोर्चों के प्रदेश और जिला अध्यक्ष की सहमति लेना जरूरी होगा।

प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव का ऐलान कभी भी
दिल्ली में बीजेपी को 27 साल बाद बहुमत मिला है। अब दिल्ली में सीएम के शपथ ग्रहण के बाद मप्र में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की तारीख घोषित हो सकती है। एमपी में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। बीजेपी के सूत्रों का कहना है दिल्ली विधानसभा चुनाव में एमपी सहित देश भर के नेता और कार्यकर्ता व्यस्त थे। अब फ्री हो गए हैं, इसलिए कभी भी प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कार्यक्रम घोषित हो सकता है।

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