फोन न दिलाने की जिद के चलते बच्चे ने की आत्महत्या, ऑनलाइन गेम खेलने की लत और जिद

इंदौर: मोबाइल गेम की लत और जिद ने इंदौर में 9वीं के छात्र की जान ले ली। उसने पास की दुकान से जहरीली दवा खरीदी और पी ली। दोस्तों ने जब यह देखा तो तुरंत उसकी मां को सूचना दी। परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां से उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया गया। सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। छत्रीपुरा पुलिस के मुताबिक मृतक छात्र प्रिंस (16) पुत्र संजय शाह आदर्श इंदिरा नगर का रहने वाला था। उसने रविवार रात जहर खा लिया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां सोमवार को उसकी मौत हो गई।

प्रिंस 9वीं का छात्र था और उसके परिवार में माता-पिता, दो भाई और एक बहन हैं। उसके पिता मिठाई की दुकान पर काम करते हैं। परिजनों के मुताबिक कुछ दिन पहले प्रिंस अपने माता-पिता के साथ बिहार के नारायणपुर गांव गया था प्रिंस को मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेलने की लत थी, इसलिए वह लगातार अपनी मां सुधा से नया मोबाइल दिलाने की जिद कर रहा था। उसकी मां ने कहा था कि जब उसके पिता की सैलरी आएगी, तब वह उसे मोबाइल दिला देंगी। रविवार को प्रिंस फिर से मोबाइल के लिए जिद करने लगा। उसने मां से कहा कि अगर उसे मोबाइल नहीं मिला, तो वह अपनी जान दे देगा। मां ने समझाने की कोशिश की और कहा कि रात हो गई है, सोमवार को वह अपना मंगलसूत्र गिरवी रखकर उसे मोबाइल दिला देंगी। लेकिन प्रिंस को तुरंत मोबाइल चाहिए था, क्योंकि उसे सुबह स्कूल जाना था।

मां ने उसे भरोसा दिलाया कि वे खाना खाने के बाद मोबाइल लेने जाएंगे, लेकिन प्रिंस गुस्से में घर से निकल गया। वह नजदीकी किराना दुकान पर गया और वहां से जहरीली दवा का पैकेट खरीदा। उसने उसे पानी में घोलकर पी लिया। जब परिजनों को पता चला, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान प्रिंस ने कहा कि वह सिर्फ अपने परिजनों को डराने के लिए ऐसा कर रहा था, लेकिन सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर रखा, लेकिन कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में पिता और कुछ परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। जल्द ही अन्य लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।

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