मेरठ में जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद में घेरा गया कारी शफीक, हंगामा बढ़ा

मेरठ के कोतवाली क्षेत्र स्थित शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान बड़ा बवाल हो गया. शहर काजी होने का दावा करने वाले कारी शफीकुर्रहमान को मस्जिद में नमाज पढ़ाने और तकरीर करने से रोक दिया गया. मामला उस समय गरमा गया जब कारी शफीक माइक के पास पहुंचे, लेकिन उन्हें माइक नहीं दिया गया और इस बीच भीड़ ने उन्हें घेर लिया. हंगामे के बाद पुलिस को दखल देना पड़ा और सुरक्षा के बीच कारी शफीकुर्रहमान को मस्जिद से बाहर निकाला गया.

कारी शफीकुर्रहमान का कहना है कि उनके साथ बदसलूकी की गई और उन्हें जानबूझकर नीचा दिखाया गया. उन्होंने कहा कि वह खुद को शहर काजी मानते हैं और पूर्व शहर काजी जैनुल साजीदुद्दीन के इंतकाल के बाद से यह मामला लंबित है. मस्जिद में उनकी कुर्सी पर बैठने को लेकर लगातार विरोध किया जा रहा है. कारी शफीक ने बताया कि जुमे की नमाज के लिए जब वह मस्जिद पहुंचे, तो उन्हें माइक भी नहीं दिया गया और मौलाना खुर्शीद ने नमाज अदा कराई.

काजी पद को लेकर हुआ विवाद
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, कुछ समय से शाही जामा मस्जिद में काजी की कुर्सी को लेकर विवाद चल रहा है. पूर्व शहर काजी जैनुल साजीदुद्दीन के इंतकाल के बाद नए काजी की घोषणा को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं. एक गुट कारी शफीकुर्रहमान का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा गुट उन्हें स्वीकार करने को तैयार नहीं है. इसी विवाद के चलते शुक्रवार को मस्जिद में जमकर हंगामा हुआ.

पुलिस ने करी शांति की अपील
पुलिस ने हालात को संभालते हुए मस्जिद में मौजूद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा. इस विवाद को लेकर शहर में चर्चा तेज है. मस्जिद समिति ने फिलहाल इस मामले में कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन काजी की कुर्सी पर विवाद और गहराने के आसार हैं

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