मेडिकल कॉलेज या मौत का अड्डा? डेढ़ साल की बच्ची की ब्लोअर में जलकर मौत, गुस्साए परिजनों ने किया चक्का जाम!

सागर: सागर जिले के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में लापरवाही की हद पार हो गई. इलाज कराने आई 18 महीने की मासूम बच्ची सौम्या की अस्पताल में ब्लोअर में जलने से मौत हो गई. डॉक्टरों ने अपनी गलती छिपाने के लिए उसके हाथ-पैर पर पट्टी बांधकर परिजनों को सौंप दिया. जब परिजनों ने इस लापरवाही पर सवाल उठाए, तो उनके साथ मारपीट की गई. इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है, और परिजनों के साथ सैकड़ों लोग इंसाफ की मांग कर रहे हैं.

परिजनों ने किया चक्का जाम
मासूम की मौत से गुस्साए परिजन और ग्रामीण 8 घंटे से सागर-जबलपुर स्टेट हाईवे पर चक्का जाम किए हुए हैं. उन्होंने बच्ची के जनाजे को सड़क पर रखकर डॉक्टरों को हटाने और दोषी स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक कलेक्टर, एसपी और विधायक मौके पर नहीं आते, तब तक वे जाम खत्म नहीं करेंगे. फिलहाल, डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी मौके पर मौजूद हैं और लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं.

ऐसे हुई घटना
19 मार्च को सानौधा गांव के अरुण अहिरवार अपनी बेटी सौम्या को सर्दी-जुकाम की समस्या के चलते मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे. जांच में पता चला कि उसे निमोनिया है और उसे भर्ती करना पड़ेगा. डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से बच्ची ब्लोअर से जल गई, जिससे उसकी मौत हो गई. यह अरुण की इकलौती बेटी थी. अरुण का कहना है कि अगर ऐसे लापरवाह डॉक्टर अस्पताल में रहे, तो और बच्चों की जान भी जा सकती है.

प्रशासन ने गठित की जांच कमेटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है. वहीं, सानौधा चौराहे पर भारी जाम लगा हुआ है, जिससे ट्रक, कंटेनर और यात्री बसें फंसी हुई हैं. परिजन दोषी डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि दोबारा किसी मासूम की जान इस तरह न जाए.

 

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