आपातकाल विभीषिका दिवस पर मीसा बंदियों का भावपूर्ण सम्मान

कोरिया। आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आपातकाल में जेल यात्रा करने वाले मीसा बंदियों का सम्मान किया गया। कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन और जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डा आशुतोष चतुर्वेदी के मार्गदर्शन मे यह आयोजन बैकुंठपुर स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के ऑडिटोरियम में किया गया। इस आयोजन में वर्ष 1975 के आपातकाल के समय मीसा ( Maintenance of Internal Security Act    ) के तहत जेल गए लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन कोरिया के तत्वावधान में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य उस कठिन दौर की स्मृतियों को जनमानस में जीवित रखना और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए संघर्ष को नमन करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत विधि से मीसा बंदी प्रेमनारायण तरकिहार और दिवंगत मीसा बंदी कृष्ण बिहारी उपाध्याय की धर्मपत्नी श्रीमती चंद्रवती उपाध्याय के स्वागत सम्मान से  किया गया। कार्यक्रम के दौरान मंच मे जिला शिक्षा अधिकारी  जितेंद्र गुप्ता, प्राचार्य  अमृत लाल गुप्ता, नगरपालिका बैकुंठपुर के पूर्व अध्यक्ष  शैलेश शिवहरे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 शिवहरे ने आपातकाल के दौर को याद करते हुए इसे संविधान की निर्मम हत्या बताया और कहा कि 25 जून 1975 भारत के लोकतंत्र के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है। उन्होंने कहा कि सत्ता की निरंकुशता ने उस समय देश की जनता की अभिव्यक्ति और स्वतंत्रता का गला घोंट दिया था।

भावुक क्षण तब आया जब चंद्रवती उपाध्याय ने आपातकाल के दौरान हुए अत्याचारों को याद किया और बताया कि कैसे निर्दोष नागरिकों को बिना किसी अपराध के जेलों में ठूंसा गया। उन्होंने उपस्थित जनों को उन दर्दनाक दिनों की यातनाएं याद दिलाईं।

मीसा बंदी प्रेमनारायण तरकिहार ने बताया कि 26 जून 1975 को उनके नाम का गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था और उन्हें अंबिकापुर जिला कारावास में भेजा गया, जहां उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और सड़ा-गला भोजन परोसा गया। उन्होंने आपातकाल के समय की तानाशाही प्रवृत्तियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से आपातकालीन स्थितियों और उसके परिणामों को विद्यार्थियों और नागरिकों को दिखाया गया। स्काउट दल और विद्यालय की छात्राओं ने रैली निकालकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प को दोहराया।

अंत में शैलेश शिवहरे द्वारा मीसा बंदियों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सम्पूर्ण गविधिधियों का संचालन योगेश गुप्ता द्वारा किया गया । इस अवसर पर बड़ी संख्या मे विद्यालय की छात्राएं, शिक्षकगण, अभिभावक एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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