जेल से जमानत पर छूटे बदमाशों ने चाकू गोदकर की युवक की हत्या, इलाके से लेकर अस्पताल तक हंगामा, 3 आरोपी गिरफ्तार
भोपाल। कोलार थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के मामले में जेल से जमानत पर छूटे बदमाशों ने अपने साथियों के साथ मिलकर 22 वर्षीय युवक की सरेआम चाकूओं से गोदकर हत्या कर दी। बदमाशों ने पुरानी रंजिश, छींटाकशी और मुखबिरी के शक में इस वारदात को अंजाम दिया है। आरोप है कि दो बदमाशों ने युवक से पहले मारपीट की, फिर चाकू से ताबड़तोड़ दस वार किए, जिससे घायल लहूलुहान अवस्था में जमीन पर गिर पड़ा।
उसका भाई अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने बताया कि पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। वहीं युवक की मौत के बाद धाराओं में इजाफा किया और स्वजनों के आरोपों के आधार पर दो से बढ़ाकर पांच आरोपितों पर केस दर्ज किया है।
घर के बाहर खड़ा था युवक, सामना होते ही शुरू किया विवाद
पुलिस के अनुसार दामखेड़ा एफ-सेक्टर निवासी निखिल सितोले (22) पुताई का काम करता था। शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपने दोस्तों के साथ घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान इलाके के ही बदमाश गोविंद मालवीय, धनराज उर्फ धन्नू, जुगल बिछेले और आशीष उर्फ बच्चा वहां पहुंचे, जबकि उनका साथी गन्नू यादव बाइक लेकर थोड़ी दूरी पर खड़ा था। आरोप है कि गोविंद और आशीष से निखिल की पहले से रंजिश चली आ रही थी।
मौका मिलते ही आरोपितों ने निखिल को घेरकर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद आशीष और जुगल ने उसे पकड़ लिया, जबकि गोविंद और धन्नू ने बेरहमी से उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए। पेट और शरीर के कई हिस्सों पर किए गए हमलों से निखिल लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपित मौके से फरार हो गए।
स्वजन आक्रोशित, पुलिस बल रहा तैनात
गंभीर हालत में निखिल को उसका भाई अक्षय और स्वजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही स्वजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल में आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और नामजद एफआईआर की मांग को लेकर जमकर हंगामा हुआ।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस ने देर रात मृतक के भाई की शिकायत पर गोविंद मालवीय, आशीष उर्फ बच्चा, धनराज उर्फ धन्नू, जुगल बिछेले और गन्नू यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया। पहले हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ, जिसे बाद में हत्या की धारा में तब्दील किया गया।
शुक्रवार को ही कोर्ट में पेश होने भोपाल आया था मुख्य आरोपित
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपित धनराज डामोर हाल ही में हत्या के प्रयास के मामले में जेल से जमानत पर छूटा था। उसके खिलाफ पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। शुक्रवार को वह कोर्ट पेशी के लिए भोपाल आया था और उसी रात इस वारदात को अंजाम दे दिया। आरोपितों को शक था कि निखिल पुलिस को उनकी जानकारी देता है, जिसके चलते उन्होंने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
