सर्वार्थ-अमृत सिद्धि और गुरु पुष्य के त्रिवेणी संयोग में जन्मे कौशल्यानंदन राम

इंदौर ।  सर्वार्थ-अमृत सिद्धि और गुरु पुष्य नक्षत्र के त्रिवेणी संयोग में रामनवमी पर कौशल्यानंदन ने जन्म लिया। इस अवसर पर राम दरबार गीता भवन, राम मंदिर पंचकुइया, हंसदास मठ, राम मंदिर राजेंद्र नगर सहित शहरभर में दोपहर 12 बजे जन्म आरती हुई। इस खास अवसर के लिए मंदिरों में आकर्षक पुष्प और विद्युत सज्जा की गई। इसके साथ ही शोभयात्राएं भी निकाली गई। इसके साथ शक्ति की उपासना का नौ दिनी पर्व चैत्र नवरात्र का समापन हो गया। कन्या पूजन के साथ यज्ञ, हवन और अनुष्ठानों की पूर्णाहुति भी मंदिरों में की गई। सुबह से ही शहर के राम मंदिरों में भक्तों का तांता लगा था। दोपहर को राम जन्म के समय खासकर भक्तों की भीड़ बढ़ चुकी थी। दोपहर 12 बजते ही मंदिरों में जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठे।

गीता भवन : रामदरबार को 11 प्रकार के फूलों से सजाया

मनोरमागंज स्थित गीता भवन में राम दरबार को 11 प्रकार के फूलों से सजाया गया था। इस अवसर पर अखंड रामायण पाठ एवं दुर्गा सप्तशती पाठ की पूर्णाहुति सुबह 10 बजे की गई। ट्रस्ट के अध्यक्ष राम ऐरन एवं मंत्री रामविलास राठी ने बताया कि रामजन्म उत्सव की आरती दोपहर 12 बजे राम दरबार मंदिर में की गई। इस अवसर पर राम दरबार को 11 किस्म के फूलों, पत्तियों, रेशमी वस्त्रों एवं विद्युत की रंग –बिरंगी छटा से श्रृंगारित किया जाएगा। गीता भवन परिसर स्थित सभी देवालयों का भी विशेष श्रृंगार किया गया। राम जन्मोत्सव के साथ ही जगदगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामनरेशाचार्य महाराज के सान्निध्य में सात दिवसीय हनुमान प्राकट्य महोत्सव भी शुरू हो गया।

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