इंदौर में बारिश, नाले में बहने से बच्चे की मौत:उज्जैन में शिप्रा किनारे के मंदिरों में पानी घुसा

मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और नर्मदापुरम समेत 25 जिलों में बुधवार शाम से देर रात तक गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। भोपाल में कुछ सड़कों पर जाम लग गया। इंदौर में एक 8 साल के बच्चे की नाले में बहने से मौत हो गई। उज्जैन में शिप्रा में बाढ़ से रामघाट के मंदिरों में पानी घुस गया। बैतूल के मुलताई में लोगों के घरों में पानी भर गया। सिवनी में संजय सरोवर बांध के 4 गेट खोल दिए गए। पांढुर्णा में बारिश की वजह से जाम नदी में बाढ़ आ गई।

भोपाल में सबसे ज्यादा ढाई इंच पानी गिर गया। शाजापुर में 2.1 इंच, इंदौर में 2 इंच, उमरिया में 1.9 इंच, उज्जैन-सिवनी में 1.8 इंच, रीवा में 1.6 इंच, टीकमगढ़ में 1.3 इंच बारिश दर्ज की गई। गुरुवार सुबह से बादल छाए हुए हैं। कुछ जिलों में हल्की बारिश भी हुई।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की विदाई के दौरान भी पूरे प्रदेश में तेज बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है। हालांकि, 4 दिन तक तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। भोपाल, जबलपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। इस मानसूनी सीजन में औसत 42.7 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे से 7 इंच ज्यादा है।

रायसेन, सागर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दतिया, नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर, बैतूल, सीधी, नरसिंहपुर, गुना, दमोह, पांढुर्णा, डिंडौरी, विदिशा और सीहोर में भी बुधवार को हल्की बारिश दर्ज की गई।

इंदौर में नाले में बहे बच्चे का शव मिला इंदौर में बुधवार रात ओमेक्स सिटी के पास नाले में 8 साल का बच्चा बह गया। मायाखेड़ी में रहने वाले राजपाल मालवीय अपने बेटे राजवीर को घर के पास एक ओटले पर छोड़कर थोड़ी दूर वाहन खड़ा करने गए थे। 10 मिनट बाद लौटे, तो राजवीर वहां नहीं था।

परिजन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। लसूडिया पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तेज बारिश और बहाव के कारण रात में सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं किया जा सका। गुरुवार सुबह 5 बजे सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जिसके बाद करीब 9 बजे राजवीर का शव नाले से बरामद किया गया।

सीजन में चौथी बार खुले भदभदा डैम के गेट भोपाल में शाम 7:30 बजे से रात 11:30 बजे तक सिर्फ 4 घंटे में लगभग ढाई इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। बड़ा तालाब एक बार फिर लबालब भर गया, जिससे रात में भदभदा डैम का एक गेट खोलकर पानी की निकासी करनी पड़ी। इस मानसून सीजन में चौथी बार डैम का गेट खोला गया है।

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