प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला दुर्ग द्वारा केन्द्रीय जेल दुर्ग का किया गया निरीक्षण

दुर्ग। विगत 28 मार्च को मुख्यालय स्थित केन्द्रीय जेल दुर्ग का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला दुर्ग (छ.ग.) द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में उन्होंने महिला प्रकोष्ठ में निरूद्ध महिला बंदियों से उनकी प्रकरण की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता, साफ सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली गई। तत्पश्चात जेल अस्पताल में बीमार बंदियों के स्वास्थ्य के बारे में व्यक्तिगत चर्चा कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं से अवगत हुए। उन्होंने पुनर्वास आधारित योजनाएँ के तहत कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बंदियों, एल.ई.डी. बल्ब, आचार, फर्नीचर एवं अन्य सामग्री तैयार कर रहे बंदियों से उनके प्रकरण में बारे में जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल में सजायाफ्ता बंदियों के अपील संबंधी प्रकरणों को अद्यतन करने एवं बंदियों को प्रकरण की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने के निर्देश जेल अधिकारियों को दिये।

उन्होंने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और उनकी दैनिक दिनचर्या से संबंधित जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नालसा की निःशुल्क और सक्षम विधिक सेवाएँ के तहत नव आगंतुक बंदियों को उनके प्रकरण से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के विषय में बताया गया तथा जो बंदी निजी अधिवक्ता नियुक्त नहीं कर सकते हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता सलाह प्रदान कर उनकी पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की नियुक्ति किए जाने की जानकारी दी गई। जेल प्रशासन को ऐसे बंदी जिन्हें परिहार का लाभ दिया जा सकता है, उनके आवेदन के लंबित रहने के कारणों सहित जानकारी प्राधिकरण को प्रेषित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने स्वच्छता का विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए जेल प्रशासन को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि बंदियों को प्रदान की जाने वाली सभी मौलिक सुविधाएं, जिनमें स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, नियमित चिकित्सा जाँच और शिक्षा के अवसर भी सम्मिलित हैं, को बिना किसी व्यवधान के प्रदान किया जाना सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कैदियों का डेटा (ट्रायल स्थिति, जमानत, सजा अवधि) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सत्यापित किये जाने के संबंध में जानकारी लेकर लंबित मामलों वाले बंदियों की पहचान कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव, जेल अधीक्षक, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी, एलएडीसीएस के कौंसिल व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *