अब पुरुषों में बांझपन की होगी सटीक जांच, एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने खोजी नई तकनीक

भोपाल। अक्सर देखा गया है कि जब किसी दंपती को संतान सुख नहीं मिलता, तो सारा दोष महिलाओं पर मढ़ दिया जाता है। आधुनिक शोध बताते हैं कि लगभग आधे मामलों में समस्या पुरुषों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। इसी दिशा में एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने एक ऐसी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम्स भोपाल की इस खोज से अब उन पुरुषों का इलाज आसान हो जाएगा, जिनकी सामान्य रिपोर्ट तो ठीक आती है, फिर भी वे पिता नहीं बन पाते।

एम्स भोपाल के पैथोलाजी विभाग की डॉ. हेमलता पंवार ने बताया कि अब तक पुरुष बांझपन की जांच के लिए केवल ”वीर्य की सामान्य जांच” की जाती थी, जिसमें शुक्राणुओं की संख्या और उनकी चाल देखी जाती थी। लेकिन, एम्स के इस नए शोध डीएनए फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स ने यह साबित कर दिया है कि कई बार शुक्राणु संख्या में तो ठीक होते हैं, लेकिन उनके अंदर का ”डीएनए” (वंशानुगत सामग्री) टूटा हुआ या डैमेज होता है। यह डैमेज सामान्य जांच में दिखाई नहीं देता, जिसे अब इस नई तकनीक से पकड़ा जा सकेगा।

डॉक्टरों की टीम ने अपने अध्ययन में बताया कि जो पुरुष धूम्रपान (सिगरेट-बीड़ी) करते हैं, उनके शुक्राणुओं का डीएनए 30 प्रतिशत से ज्यादा खराब पाया गया। सिगरेट के धुएं से शरीर में ”आक्सीडेटिव स्ट्रेस” बढ़ता है, जो सीधे तौर पर पिता बनने की क्षमता को खत्म कर देता है। डॉ. हेमलता पंवार ने अमेरिका में आयोजित एक सम्मेलन में अपना यह शोध प्रस्तुत किया है।

आम आदमी को ये होगा फायदा पुरुषों

  • कई बार लोग सालों तक गलत इलाज कराते रहते हैं। इस जांच से बीमारी की असली जड़ पहले ही पता चल जाएगी।
  • रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर यह तय कर पाएंगे कि मरीज को सिर्फ दवाओं की जरूरत है या किसी अन्य एडवांस तकनीक की।
  • सही समय पर सही जांच होने से मरीजों का पैसा और समय दोनों बचेगा।
  • उन दंपतियों के लिए यह वरदान है, जो आईवीएफ फेल होने के बाद निराश हो चुके हैं।

ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

  • तंबाकू और सिगरेट का सेवन तुरंत बंद करें।
  • ताजे फल और हरी सब्जियों को भोजन में शामिल करें।
  • रोजाना योग या हल्की कसरत करें।
  • यदि एक साल तक प्रयास के बाद भी संतान सुख नहीं मिल रहा, तो शर्म छोड़कर विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलें।

इनका कहना है

हमारा उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में ऐसे शोध करना है, जिसका फायदा सीधे आम आदमी को मिले। इस नई तकनीक से पुरुष बांझपन की जांच अब और भी भरोसेमंद हो जाएगी। यह गर्व की बात है कि भोपाल के डॉक्टरों के काम को अमेरिका जैसे देशों में पहचान मिल रही है। डॉ. हेमलता पंवार, एम्स भोपाल के पैथोलाजी विभाग।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *