SD Burman ने 1951 में बनाया था गाना, 34 साल में उस एक धुन पर बने 6 सुपरहिट सॉन्ग, सुनकर खा जाएंगे गच्चा

भारतीय सिनेमा में संगीत के ऐसे कई जादूगर रहे, जिन्होंने ऐसी धुनें बनाईं, ऐसे म्यूजिक को जन्म दिया, जो दशकों बाद आज भी कानों में मिस्री घोलता है, और हमेशा ही अपनी बादशाहत कायम रखेगा। ऐसे ही संगीतकार यानी म्यूजिक डायरेक्टर रहे एसडी बर्मन, जिन्हें हर म्यूजिक कंपोजर अपना गुरु मानता था और सभी उन्हें ‘म्यूजिक का जादूगर’ कहते थे। वह किस कदर हरफनमौला संगीतकार थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 1951 में उन्होंने धुन बनाई थी, जिस पर 34 साल में अलग-अलग म्यूजिक डायरेक्टर्स ने 6 गाने बनाए और वो सभी ब्लॉकबस्टर रहे। उन गानों को दशकों बाद भी क्लासिक और हिट गानों की लिस्ट में शुमार किया जाता है। चलिए आपको एसडी बर्मन की उसी धुन और गाने के साथ-साथ उन 7 गानों के बारे में बता रहे हैं, जो बर्मन दा की धुन पर ही बनाए गए:

कौन थे एसडी बर्मन? छोड़ दिया था राजसी ठाठ-बाट

एसडी बर्मन यानी सचिन देव बर्मन बंगाल के एक राजघराने में पैदा हुए थे। उनके पिता एक राजा तो थे ही, साथ ही सिंगर और सितारवादक भी थे। उन्हीं से एसडी बर्मन को संगीत विरासत में मिला था। संगीत की एक-एक बारीकी उन्होंने पिता से ही सीखी थी। बचपन से ही उन्हें संगीत और उसके हर सुर को लेकर गहरी समझ थी। जहां पिता त्रिपुरा के महाराज के बेटे थे, तो वहीं मां मणिपुर की राजकुमारी थीं। लेकिन जब दो साल के थे, तो एसडी बर्मन की मां का देहांत हो गया और फिर कुछ साल बाद पिता भी चल बसे। तब एसडी बर्मन का राजसी ठाठ-बाट से मन ऊब गया। उन्होंने सब छोड़ दिया और बंगाल जाकर रहने लगे। यहां उन्होंने आसपास के लोक संगीत के बारे में जाना-सीखा और बांसुरी बजाना भी सीखा।

एसडी बर्मन का करियर और उनके हिट गाने

एसडी बर्मन ने अपने पूरे करियर में 100 फिल्मों में म्यूजिक दिया। इसके अलावा 13 बंगाली और 14 हिंदी फिल्मों में गाने गाए। उन्होंने साल 1944 में मुंबई आकर अपना संगीत का सफर शुरू किया। एक बाद एक ऐसी धुनें बनाईं, ऐसे गाने कंपोज किए, जो आज भी हिट हैं। पर यहां उनकी एक ऐसी धुन, एक ऐसे गाने के बारे में बता रहे हैं, जिस पर 7 अलग-अलग गाने बनाए गए और उन्होंने भी कमाल कर दिया।

साल 1951, एसडी बर्मन ने बनाया ‘ठंडी हवाएं’ गाना और उसकी धुन

एसडी बर्मन ने सबसे पहले साल 1951 में एक धुन कंपोज की थी, जिस पर गाना बनाया था ‘ठंडी हवाएं’, जो फिल्म ‘नौजवां’ का था और इसे लता मंगेशकर ने गाया था। यह उस साल का सुपरहिट गाना रहा था और एक्ट्रेस नलिनी जयवंत पर फिल्माया गया था।

1. साल 1954- तेरा दिल कहां हैं

फिर आया साल 1954 और एसडी बर्मन के गाने ‘ठंडी हवाएं’ की धुन पर ‘तेरा दिल कहां है’ गाना बनाया गया। इसे आशा भोसले ने गाया था और यह भी सुपरहिट रहा। यह गाना फिल्म ‘चांदनी चौक’ में रखा गया था और म्यूजिक रोशन ने दिया था, जबकि लिरिक्स मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे। ‘तेरा दिल कहां है’ गाने को उस दौर के क्लासिक हिट रोमांटिक गानों में शुमार किया जाता है। इसमें मीना कुमारी नजर आई थीं।

2. साल 1964- यही है तमन्ना

फिर आया साल 1964 और तब एसडी बर्मन की उसी धुन पर ‘यही है तमन्ना’ गाना कंपोज किया गया। इसका म्यूजिक मदन मोहन ने दिया और गाया मोहम्मद रफी ने था। वहीं, लिरिक्स राजा मेहंदी अली खान ने लिखे थे। यह गाना फिल्म ‘आप की परछाइयां’ का था, जिसे धर्मेंद्र पर फिल्माया गया था।

3. साल 1966- रहें ना रहें हम

फिर साल 1966 में एक और गाना आया ‘रहें ना रहें हम’, जो एसडी बर्मन की 1951 में कंपोज की हुई कल्ट धुन पर ही बनाया गया था। यह गाना आज भी आइकॉनिक और क्लासिक हिट गानों में शुमार किया जाता है। ‘रहें ना रहें हम’ को रोशन ने कंपोज किया था, और लिरिक्स मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे। ‘ममता’ फिल्म के इस गाने को सुचित्रा सेन पर फिल्माया गया था।

4. साल 1981- हमें रास्तों की

साल 1981 में भी एक गाने के लिए एसडी बर्मन की उसी धुन का इस्तेमाल किया गया और ये गाना था ‘हमें रास्तों की’, जिसे एसडी बर्मन के बेटे और मशहूर कंपोजर आरडी बर्मन ने कंपोज किया था। वह ‘पंचम दा’ के नाम से मशहूर थे। इस गाने को आरडी बर्मन की पत्नी और सिंगर आशा भोसले ने गाया था और सुपरहिट रहा था। ‘हमें रास्तों की’ गाने के लिरिक्स गुलजार ने लिखे थे और इसे स्वरूप संपत पर फिल्माया गया था। यह गाना फिल्म ‘नरम गरम’ का हिस्सा था।

5. साल 1983- हमें और जीने की

फिर आया साल 1983 और एसडी बर्मन की उसी आइकॉनिक धुन से एक और सुपरहिट गाना कंपोज किया गया। यह गाना था ‘हमें और जीने की चाहत ना होती’, जिसमें राजेश खन्ना नजर आए थे। ‘अगर तुम ना होते’ फिल्म के इस गाने को किशोर कुमार ने गाया था। म्यूजिक आरडी बर्मन ने दिया था और लिरिक्स गुलशन बावरा यानी गुलशन कुमार मेहता ने लिखे थे।

6. साल 1985- सागर किनारे

साल 1985 में एक बार फिर एसडी बर्मन की 1951 में आई सुपरहिट धुन को इस्तेमाल किया गया, और गाना बना ‘सागर किनारे’, जो उस वक्त का सबसे सुपरहिट गाना था। इसे भी एसडी बर्मन के बेटे पंचम दा यानी आरडी बर्मन ने कंपोज किया था। किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने इसे गाया था, जबकि लिरिक्स जावेद अख्तर ने लिखे थे। इस गाने को ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया पर शूट किया गया था।
Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *