‘विजय को कितने दिन रोकेंगे’, Prakash Raj गवर्नर पर बरसे, थलपति से कहा- मुझे शक है, गलत साबित कर दो
तमिलनाडु में विजय की सरकार बनेगी या नहीं, इसको लेकर सस्पेंस अभी भी जारी है। महज दो साल पुरानी विजय की पार्टी ने 108 सीटें जीती हैं, लेकिन चुनाव नतीजों के 5 दिन बाद भी बहुमत को लेकर स्थिति अस्पष्ट है। राज्य के गवर्नर राजेंद्र आर्लेकर ने विजय को शुक्रवार को एक बार फिर लौटा दिया। एक तरफ जहां तमिलनाडु में एक्टर विजय की शपथ में देरी होने की संभावना बढ़ गई है। विजय अभी भी बहुमत के लिए जरूरी 118 के जादुई आंकड़े से 2 कदम पीछे हैं। लेकिन इस बीच एक्टर प्रकाश राज ने राज्यपाल पर भरदम भड़ास निकाली है। राज्य के एक सजग नागरिक होने के नाते 61 साल के प्रकाश राज ने दो टूक शब्दों में गर्वनर से सवाल किया है कि आखिर वो विजय को कब तक और कितने दिन रोकेंगे? प्रकाश राज ने सीधे-सीधे एक डेडलाइन की मांग की है, उनका कहना है कि जनता जानना चाहती है कि उसे उसकी सरकार कब मिलेगी।
सरकार बनाने की कवायद को लेकर ताजा अपडेट ये है कि 234 सदस्यों वाली विधानसभा में, शुक्रवार को तीन दलों ने विजय की TVK को समर्थन का दावा किया गया था, लेकिन थलपति को अभी कांग्रेस विधायकों के साथ सीपीआई और सीपीआई (एम) के 2-2 विधायकों का समर्थन मिला है। ऐसे में उनकी पार्टी के बाद समर्थन का आंकड़ा अभी 116 पहुंचा है। बीजेपी, डीएमडीके और एएमएमके के पास 1-1 विधायक हैं।
प्रकाश राज की दो टूक- हमें सरकार चाहिए, तय करने वाले गवर्नर कौन?
विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ में उनके को-स्टार प्रकाश राज ने ‘टाइम्स नाउ’ से बातचीत की है। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि उन्हें क्या लगता है कि गवर्नर जो कर रहे हैं, वो क्यों कर रहे हैं, तो अपनी बेबाकी के लिए मशहूर एक्टर ने कहा, ‘मैं पूछता हूं कि क्या होगा अगर सदन के फ्लोर पर 20 लोग वोटिंग से दूर रहें? क्या होगा अगर जरूरी संख्या कम हो जाए? क्या होगा अगर कोई विपक्षी पार्टी विजय को सपोर्ट न करना चाहे, और वे बस वॉक आउट कर जाएं? हमें एक सरकार चाहिए। यह तय करने वाले वे (गवर्नर) कौन होते हैं? यह अधिकार लोगों के पास है। हम संविधान को मानते हैं।’
‘आप एक चुने हुए गवर्नर हैं, चुने हुए प्रतिनिधि नहीं हैं’
प्रकाश राज ने आगे कहा, ‘क्या कोई और पार्टी है जो सरकार बनाने का दावा कर रही है? एक ही पार्टी है, जिसका दावा है। हमें उसे ऐसा करने देना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करता, तो वह फेल हो जाएगा। तब गवर्नर जो चाहें कर सकते हैं। राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं या जो भी हो। लेकिन कुछ भी होने से पहले… क्या होगा? चुनाव नतीजों को आए पांच दिन हो चुके हैं। लोग इंतजार कर रहे हैं। ये MLA लोगों के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। उन्हें सदन के फ्लोर पर फैसला करने दीजिए। गवर्नर कौन होते हैं फैसला करने वाले? आप एक चुने हुए गवर्नर हैं। आप चुने हुए प्रतिनिधि नहीं हैं। चुनाव हुआ है। चुनाव खत्म हो चुका है। एक जनादेश है।’
प्रकाश राज बोले- मेरे और विजय में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन…
यह दिलचस्प है कि प्रकाश राज ने विधानसभा चुनाव से पहले थलपति विजय की उम्मीदवारी को लेकर भी सवाल उठाए थे। लेकिन उनका तर्क यह था कि विजय के पास प्रशासनिक अनुभव नहीं है। प्रकाश राज ने अब कहा है, ‘हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं। मेरे और विजय के बीच मतभेद हो सकते हैं। यह मुद्दा नहीं है। मुद्दा संविधान है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला क्यों है कि यह सदन के फ्लोर पर ही तय होना चाहिए? कर्नाटक या महाराष्ट्र में जब उनके पास संख्या नहीं थी, तो उन्हें ऐसा करने की इजाजत क्यों दी गई थी? यह किसी एक आदमी का निजी विवेक नहीं बन सकता।’
‘क्या देरी से हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका नहीं बनती?’
प्रकाश राज ने सरकार बनने में देरी के मद्देनजर विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने गवर्नर का जिक्र करते हुए पूछा, ‘आपको तो चीजों को आसान बनाना चाहिए। आप कितने दिन तक रोकेंगे? मुझे बताइए, कितने दिन? क्या इससे हॉर्स ट्रेडिंग, अटकलें, और ये सब चीजें नहीं बढ़ेंगी? जैसे-जैसे आप देर कर रहे हैं, हमें एक सरकार की जरूरत है। हमें बताइए कि सरकार है या नहीं। आप देर क्यों कर रहे हैं? आप कब तक देर करेंगे? बताइए और हमें एक डेडलाइन दीजिए। नहीं, यह सही नहीं है।’
‘सरकार गिरने वाली है, तो उसे फ्लोर पर गिरने दीजिए’
‘वांटेड’, ‘सिंघम’ जैसी हिंदी फिल्मों के दिग्गज एक्टर ने राज्यपाल की उन आशंकाओं पर भी सवाल उठाया, जिसमें कथित तौर पर अल्पमत की सरकार नहीं बनने की चाह शामिल है। प्रकाश राज ने कहा, ‘यह बहुत आसान है। अगर आपको लगता है कि सरकार गिरने वाली है, तो उसे फ्लोर पर गिरने दीजिए। सर, उसे फ्लोर पर गिरने दीजिए। क्योंकि उसे वहीं गिरना है। आपके राजभवन में नहीं और न ही आपकी आशंकाओं की वजह से। माफ कीजिए, लेकिन अगर उसे गिरना ही है, तो वह गिरेगी। अगर उसे चुना गया है, तो उसे फ्लोर पर ही इलेक्ट किया जाना चाहिए।’
प्रकाश राज ने बताया क्यों थे विजय की उम्मीदवारी के खिलाफ
इससे पहले गुरुवार को ‘इंडिया टुडे टीवी’ को दिए इंटरव्यू में भी प्रकाश राज ने थलपति विजय की बंपर जीत और उनके मुख्यमंत्री बनने को लेकर बात की थी। 5 नेशनल अवॉर्ड जीत चुके एक्टर ने कहा, ‘मैंने उनके साथ कई फिल्मों में काम किया है। हमने जिंदगी में कभी भी राजनीति पर बात नहीं की। लेकिन इसकी एक खास वजह है। मैं उस पहलू के बारे में पक्का नहीं कह सकता, क्योंकि मैंने पिछले दो दशकों में उनके साथ रहते हुए उन्हें उस रूप में नहीं देखा है। तो यही मेरी चिंता थी। इसमें कोई शक नहीं कि लोकप्रियता अपने आप में शासन का मॉडल नहीं हो सकती। चलिए देखते हैं। इसीलिए जब चुनाव हुए, तो मैंने लोगों से पूछा कि आपको कौन सा मॉडल चाहिए? वोट देने से पहले सोचिए। जब किसी चुनाव में स्टालिन जैसा कोई व्यक्ति हार जाता है, तो मुझे चिंता होती है। इसका विकल्प क्या है? क्या यह बदलाव के लिए है या लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है? यह बात लोग बाद में समझेंगे। लेकिन उससे पहले ही हमने इसे भांप लिया था और इसके बारे में बात की थी।’
‘तब भी मैंने कहा था कि हो सकता है फैंस को बुरा लगे’
प्रकाश राज ने आगे कहा, ‘जब मैंने विजय की उम्मीदवारी के खिलाफ बात की थी, तब भी मैंने यही कहा था कि हो सकता है फैंस को बुरा लगे, हो सकता है फैंस को बात समझ न आए, लेकिन फिर भी एक जागरूक नागरिक होने के नाते मैं अपनी शंकाएं जरूर रखूंगा। फैसला आप ही कीजिए। लेकिन मैं इसे स्वीकार करने की प्रेरणा देता हूं। अब यह कोई लड़ाई नहीं रही और मुझे लगता है कि गवर्नर को सबसे पहले उन्हें अपना दावा पेश करने देना चाहिए।
प्रकाश राज बोले- डार्लिंग, मेरे मन में शंकाएं हैं, गलत साबित करो
इंटरव्यू के आखिर में जब प्रकाश राज से विजय के लिए कोई मैसेज देने के लिए कहा गया, तो उन्होंने कहा, ‘एक को-स्टार के तौर पर विजय के लिए मेरा मैसेज यही है कि डार्लिंग, तुम्हें बहुत-बहुत बधाई। एक दोस्त होने के नाते, मेरे मन में अब भी कुछ शंकाएं हैं। प्लीज, मुझे गलत साबित करो। तमिलनाडु को एक अच्छा शासन दो। मुझे बस यही चाहिए। इसमें कोई भी बात निजी तौर पर तुम्हारे खिलाफ नहीं है।’
