भोपाल में गैस सिलिंडर घोटाला…सिलिंडर गायब फिर भी पूर्व अफसर की एजेंसी पर FIR नहीं! 5 लाख जुर्माना लेकर बहाल किया कारोबार

भोपाल। ईरान-इजरायल युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिसके कारण भोपाल में घरेलू और व्यावसायिक सिलिंडरों की किल्लत शुरू हो गई थी। इस वजह से गैस गोदाम व एजेंसियों पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता सिलिंडर लेने पहुंच रहे थे, लेकिन लोगों को बुकिंग के बाद भी सिलिंडर आपूर्ति नहीं की जा रही थी।

कर्मचारियों के साथ मिलकर जमकर सिलिंडरों की हेराफेरी

इसी बीच एजेंसी संचालकों ने कर्मचारियों के साथ मिलकर जमकर सिलिंडरों की हेराफेरी की थी, जिसकी शिकायतें मिलने पर खाद्य विभाग की टीमों ने छापामार कार्रवाई करते हुए गड़बड़ियां पकड़ी थीं। इसके बाद तीन एजेंसी संचालकों सहित करीब पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई और कुछ एजेंसी संचालकों व अवैध रिफिलिंग सेंटर संचालकों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई।

इसके बाद उन्होंने जुर्माना भरकर कारोबार के लिए एजेंसियों को बहाल करवा लिया और सिलिंडर तक वापस ले लिए। जबकि एक एजेंसी संचालक का मामला एडीएम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां उसके जवाब का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अब तक एफआइआर दर्ज नहीं की गई है।

जानकारी के अनुसार भोपाल में करीब पांच लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलिंडर उपभोक्ता हैं, जिन्हें करीब 40 गैस एजेंसियों व गोदामों से आपूर्ति की जाती है। इन्हीं एजेंसियों में पूर्व सहायक आपूर्ति अधिकारी बीपी शर्मा की जेके रोड स्थित फिनिक्स एचपी गैस एजेंसी भी शामिल है।

खाद्य विभाग की टीम ने जांच की थी

इस एजेंसी पर उपभोक्ताओं के सिलिंडर अन्य लोगों को दिए जाने की शिकायत मिलने के बाद खाद्य विभाग की टीम ने जांच की थी। इसमें 350 व्यावसायिक व 350 घरेलू सिलिंडरों का रिकॉर्ड नहीं मिला था और करीब दो हजार छोटे सिलिंडरों का भी कुछ पता नहीं चला था। इसका प्रकरण बनाकर एडीएम न्यायालय में पेश कर दिया गया था, जहां अब भी सुनवाई चल रही है।

इसी बीच एचपीसीएल कंपनी ने संचालक पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था, जिसे जमा कर एजेंसी को बहाल करवा लिया गया। जबकि वह एडीएम न्यायालय से जारी नोटिस का जवाब अब तक पेश नहीं कर सके हैं।

अन्य मामलों में तत्काल एफआईआर, फिनिक्स पर लग रहा समय

खाद्य विभाग के सूत्रों के अनुसार अब तक हुई कार्रवाई के दौरान राय, सिद्धार्थ, कोलार गैस एजेंसी संचालकों व अन्य लोगों सहित करीब पांच से छह प्रकरण बनाकर थानों में एफआईआर करवाई गई है।

जबकि फिनिक्स मामले में जुर्माना लगाया गया, जमा हो गया और एडीएम कोर्ट में सुनवाई चल रही है, लेकिन गड़बड़ी उजागर होने के बाद भी एफआईआर करने में समय लग रहा है। बताया जा रहा है कि संचालक पूर्व अधिकारी होने के कारण वर्तमान अमला कार्रवाई करने से बच रहा है।

जुर्माना लगाया, अवैध रिफिलिंग सेंटर संचालक को दे दिए सिलिंडर

गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी की शिकायतें मिलने पर खाद्य विभाग की टीम ने टीटीनगर में माता मंदिर स्थित खंडहर शासकीय आवास में संचालित अवैध रिफिलिंग सेंटर से करीब 51 सिलिंडर जब्त किए थे।

इस मामले में अपर कलेक्टर दक्षिण के आदेश पर 50 हजार रुपये का जुर्माना जमा करवाने के बाद अवैध रिफिलिंग सेंटर के संचालक मोईन हसीब को 51 सिलिंडर वापस कर दिए गए हैं।

इनका कहना है

“जेके रोड स्थित फिनिक्स एचपी गैस एजेंसी पर हुई सिलिंडरों की गड़बड़ी मामले में सुनवाई चल रही है। संचालक को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके द्वारा जवाब पेश नहीं किया गया है। जल्द ही मामले में सुनवाई कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

प्रकाश नायक, अपर कलेक्टर

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