1,000 रुपये में कैसे कटेगा बुढ़ापा? अटल पेंशन में न्यूनतम कैटिगरी चुन रहे ज्यादातर लोग, सरकार ने जताई चिंता

नई दिल्ली: अटल पेंशन योजना (APY) के ज्यादातर ग्राहकों द्वारा सिर्फ 1,000 रुपये वाली न्यूनतम पेंशन कैटिगरी चुनने पर सरकार ने चिंता जताई है। फाइनैंशल सर्विसेज सेक्रेटरी एम. नागराजू ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से अपील की है कि वे लोगों को उनकी आमदनी बढ़ने के साथ-साथ बड़ी पेंशन वाली कैटिगरी में जाने के लिए प्रेरित करें। अटल पेंशन योजना में अब तक कुल 9 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। सिर्फ वित्त वर्ष 2025-26 में ही रेकॉर्ड 1.35 करोड़ नए ग्राहक इस योजना में शामिल हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2015 को इस योजना को लॉन्च किया था।

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के मुताबिक अटल पेंशन योजना में 87 फीसदी लोगों ने मिनिमम 1,000 रुपये वाले विकल्प को चुना है जबकि केवल 8 फीसदी लोगों ने 5,000 रुपये वाली कैटिगरी को चुना है। नौ करोड़ सब्सक्राइबर्स में से 7.94 करोड़ ने 1000 रुपये का विकल्प चुना है और 70 लाख 5,000 रुपये वाली कैटिगरी में हैं। 2,000 रुपये वाली श्रेणी में 26 लाख, 3,000 रुपये में 12 लाख और 4,000 रुपये वाली कैटिगरी में 458,698 सब्सक्राइबर हैं।

भविष्य की जरूरत

PFRDA द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में नागराजू ने कहा, ‘यह खुशी की बात है कि लोग बढ़-चढ़कर इस योजना से जुड़ रहे हैं, लेकिन एक बड़ी चिंता यह है कि ज्यादातर लोग सिर्फ 1,000 रुपये महीने वाली पेंशन का विकल्प चुन रहे हैं। जब हम अपने नामांकन आंकड़ों का जश्न मनाते हैं, तो हमें खुद से पूछना चाहिए: क्या 20 या 30 साल बाद 1,000 रुपये प्रति माह हमारे अंशधारकों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करेगा?’नागराजू ने कहा कि एक श्रेणी में इतने लोगों का होना दर्शाता है कि नामांकन के समय हमारी परामर्श प्रक्रिया को और मजबूत करने की आवश्यकता है। हमारे बैंकिंग भागीदारों को ग्राहकों को सक्रिय रूप से मार्गदर्शन करना चाहिए ताकि वे एक ऐसा उपयुक्त विकल्प चुन सकें जो वास्तव में उनकी भविष्य की जरूरतों एवं वर्तमान सामर्थ्य को दर्शाता हो। इसे सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए कुछ ऐसे क्षेत्रों का उल्लेख किया जो एपीवाई ग्राहकों को जोड़ने में मदद करते हैं।

बढ़ सकती है पेंशन की राशि?

इस मौके पर PFRDA के चेयरमैन एस. रमण ने बताया कि सरकार इस योजना पर दोबारा विचार कर सकती है कि क्या भविष्य में पेंशन की रकम बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों से फीडबैक मिला है कि आज से 15-20 साल बाद 5,000 रुपये की अधिकतम पेंशन भी कम पड़ सकती है। इस बारे में सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट दी जाएगी।

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