सीटों की संख्या हमें बताएगी कि आगे क्या करना है,  हम नतीजों के बाद फैसला लेंगे – मल्लिकार्जुन खरगे

बेंगलुरु । कर्नाटक चुनाव के नतीजे  पहले  ऐसी अटकलें थीं कि सत्ता बनाने के लिए कांग्रेस और बीजेपी नेता जेडीएस से संपर्क कर रही है। लेकिन अब कांग्रेस ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। कांग्रेस ने एचडी कुमारस्वामी की पार्टी से किसी तरह की बातचीत से इनकार कर दिया है। पार्टी ने कर्नाटक में अपने दम पर सरकार बनाने का भरोसा जताया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनकी पार्टी प्रचंड बहुमत से चुनाव जीतेगी। शनिवार को नतीजे आने के बाद संख्या के आधार पर पार्टी अपनी रणनीति तय करेगी। एक समाचार चैनल  से बात करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, सीटों की संख्या हमें बताएगी कि आगे क्या करना है। हम नतीजों के बाद फैसला लेंगे। खरगे ने बीजेपी के ऑपरेशन लोटस की संभावना पर भी सवाल उठाया। कांग्रेस प्रमुख ने इस बात से भी इनकार किया कि उनकी पार्टी जेडीएस के साथ गठबंधन को लेकर कोई बातचीत कर रही हैं। उन्होंने कहा, हम किसी के पास नहीं जा रहे हैं।
कई एग्ज़िट पोल्स में बुधवार को हुए चुनावों में कांग्रेस को बहुमत मिलने की भविष्यवाणी की गई है। हालांकि, कुछ पोल्स में खंडित जनादेश का भी अनुमान है। ऐसी स्थिति में जेडीएस के किंगमेकर की भूमिका निभाने की संभावना है। 2018 के चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन ये बहुमत से पीछे रह गई। कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन की सरकार बनाई। एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन 14 महीने बाद सरकार गिर गई। कांग्रेस-जेडीएस के कई विधायक बीजेपी के पाले में चले गए। बाद में नंबर ज्यादा होने पर बीजेपी ने सरकार बना ली।
गुरुवार को जेडीएस के वरिष्ठ नेता तनवीर अहमद ने तमाम अटकलों के बीच बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि यह तय कर लिया गया है कि जेडीएस किसके साथ साझेदारी करेगी। एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में जेडीएस के वरिष्ठ नेता तनवीर अहमद ने बताया कि निर्णय ले लिया गया है। जब सही समय आएगा तो हम जनता के सामने इसकी घोषणा करेंगे। हालांकि, कर्नाटक जेडीएस प्रमुख सीएम इब्राहिम ने अहमद के बयान को खारिज करते हुए कहा, वह हमारे प्रवक्ता नहीं हैं।
उधर, कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार ने भी गठबंधन की अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने दम पर सरकार बनाएगी। शिवकुमार ने कहा था कि बीजेपी के जेडीएस के साथ घनिष्ठता पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।

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