4 करोड़ की सड़क, हजारों चेहरों पर मुस्कान, नक्सल गढ़ में विकास की जीत

सुकमा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले में विकास कार्यों को नई गति मिली है। जिले में रोड कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से विस्तार किया जा रहा है। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों और नियद नेल्लानार अंतर्गत क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य प्राथमिकता के साथ संचालित किए जा रहे हैं।

पूर्व में नक्सल समस्या के कारण सड़क निर्माण सहित कई विकास कार्य बाधित हो गए थे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, राशन और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया। अब नक्सल प्रभाव समाप्त होने के बाद शासन-प्रशासन द्वारा योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य तेज गति से कराए जा रहे हैं, जिनमें सड़क निर्माण सबसे महत्वपूर्ण कार्य के रूप में सामने आया है।

लोक निर्माण विभाग द्वारा पोलमपल्ली से अरलमपल्ली तक 7 किलोमीटर लंबी पक्की डामरीकृत सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस कार्य में 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई है। सड़क निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है और इसके बन जाने से विकासखंड मुख्यालय कोंटा की दूरी लगभग 15 किलोमीटर कम हो जाएगी।

यह मार्ग डब्बाकोंटा, कोलाईगुड़ा, एंटापाड़, बुर्कलंका, पालाचलमा और गट्टापाड़ जैसे पहले के घोर नक्सल प्रभावित रहे गांवों को जोड़ता है। पहले यह क्षेत्र जर्जर रास्तों और नक्सली गतिविधियों के कारण आवागमन के लिए बेहद कठिन था, लेकिन अब पुलिस कैम्प स्थापना और प्रशासन की सक्रियता के चलते स्थिति में सुधार हुआ है तथा सड़क निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कलेक्टर अमित कुमार ने सड़क निर्माण कार्य को लेकर कहा कि सुकमा जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नियद नेल्लानार एवं अन्य दुर्गम क्षेत्रों में तेजी से सड़क निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। पोलमपल्ली से अरलमपल्ली तक बन रही पक्की सड़क न केवल आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं को गांवों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के हर गांव को मुख्यधारा से जोड़ते हुए विकास की रोशनी अंतिम छोर तक पहुंचाई जाए।

पोलमपल्ली निवासी मड़कम भीमा ने बताया कि पहले यह मार्ग कच्चा था और आवागमन में भारी परेशानी होती थी, लेकिन अब पक्की सड़क बनने से कोंटा जाना आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या समाप्त होने के बाद विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और सड़क बनने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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