पश्चिम एशिया में तनाव के बीच क्या है RBI का प्लान? गवर्नर ने दी जानकारी, ब्याज दरों पर भी दिया अपडेट
नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले से पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में फैले तनाव पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की नजर है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक मध्य पूर्व में तनाव पर निकटता से नजर रख रहा है। उन्होंने ब्याज दरों में बदलाव को लेकर भी अपडेट दिया।
अमेरिका के प्रिंसटन विश्वविद्यालय में अपने भाषण में मल्होत्रा ने कहा कि मौजूदा संघर्ष भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सीधा खतरा है, क्योंकि इस क्षेत्र की देश के व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि वह भविष्य की ब्याज दरों फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
आपूर्ति में कमी से दिखेगा असर
संजय मल्होत्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया भारत के निर्यात का लगभग छठा हिस्सा, आयात का पांचवां हिस्सा, कच्चे तेल के आयात का आधा हिस्सा, उर्वरक आयात का दो-पांचवां हिस्सा और भारत को आने वाली रेमिटेंस में लगभग दो-तिहाई का योगदान देता है।
उन्होंने कहा कि वास्तविक चिंता दूसरे दौर के प्रभावों को लेकर है। आरबीआई गवर्नर ने चेतावनी दी कि आपूर्ति में अचानक आई कमी अगर जारी रही तो सामान्य मूल्यों में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
ब्याज दरों पर क्या बोले?
संजय मल्होत्रा ने ब्याज दरों को लेकर कहा कि आरबीआई जल्दबाजी में नहीं है और ‘वेट एंड वॉच’ मोड में है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति आंकड़ों पर निर्भर रहेगी और जोखिमों के संतुलन का लगातार पुनर्मूल्यांकन करती रहेगी। रिजर्व बैंक की कमेटी एमपीसी ने जून 2025 से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि उसी वर्ष फरवरी से ब्याज दरों में कुल 125 आधार अंकों की कटौती की गई थी।
तत्काल लोन पर काम
- डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट पर बोलते हुए, आरबीआई गवर्नर ने कहा कि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) ने अकेले मार्च में 22 अरब से अधिक लेनदेन दर्ज किए।
- उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय बैंक अब छोटे किसानों और व्यवसाय मालिकों को तत्काल लोन उपलब्ध कराने के लिए यूनिफाइड लोन इंटरफेस (यूएलआई) विकसित कर रहा है।
