अनंत सिंह को जमानत तो मिली लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं किया तो फिर से जाना पड़ेगा जेल, जानें पूरी बात

पटना: 4 महीने बाद ही सही पर मोकामा के विधायक अनंत सिंह को राजद नेता दुलारचंद यादव के मौत के मामले में जमानत मिल गई। पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार 19 मार्च 2026 को ही अपना फैसला सुना दिया था। तब पटना हाईकोर्ट ने जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत दे दी थी। आखिर जमानत मिलने की वजह क्या रही? किस दलील के आगे विधायक अनंत सिंह को जमानत दी गई? पहले ये जान लीजिए।

इसी आधार पर मिली जमानत

इसके बाद विधायक विधायक अनंत सिंह को भदौर थाना कांड संख्या 110/2025 के संबंध में निचली अदालत/संबंधित न्यायालय की संतुष्टि के अनुसार 15,000/- रुपये के मुचलके तथा समान राशि के दो जमानतदारों के साथ जमानत पर रिहा किया करने का फैसला आया। पर यह जमानत सशर्त मिली। इस शर्त में एक जमानतदार याचिकाकर्ता का स्वयं का या निकट संबंधी होना, दूसरी शर्त ये है कि याचिकाकर्ता प्रत्येक निर्धारित तिथि पर न्यायालय में उपस्थित होने और बिना पर्याप्त कारण के लगातार दो तिथियों पर अनुपस्थित नहीं होगा। साथ में यह स्पष्ट निर्देश भी मिला कि याचिकाकर्ता मुकदमे के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगा और किसी भी गवाह को प्रभावित या धमकाएगा नहीं। इनमें से किसी भी निर्देश का पालन नहीं करने पर अनंत सिंह कि जमानत रद्द हो जाएगी

क्या था मामला?

यह घटना 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के घोसवरी थाना क्षेत्र के बसावन चक में घाटी थी। तब दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। दुलारचंद यादव आरजेडी नेता रहे थे और उस वक्त मोकामा से जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे। हत्या का आरोप अनंत सिंह पर लगाया गया था। तब चुनावी प्रक्रिया के बीच ही 1 नंवबर की रात अनंत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद, 2 नवंबर को कोर्ट में पेश करने के बाद बेऊर जेल में डाला गया था। इससे पहले निचली अदालतों ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं, लेकिन अब हाईकोर्ट से बेल मिलने के बाद अनंत सिंह जेल से बाहर आए हैं।

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