जल संरक्षण की दिशा में बेमेतरा की बड़ी पहल

बेमेतरा। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री प्रेमलता पद्माकर के मार्गदर्शन में बेमेतरा जिले में जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन को लेकर व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में वर्षा जल के अधिकतम संरक्षण और भूजल स्तर में वृद्धि के उद्देश्य से विभिन्न संरचनाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।

प्रत्येक गांव में बनाए जा रहे रिचार्ज पिट

जिले के सभी ग्राम पंचायतों में भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर रिचार्ज पिट का निर्माण किया जा रहा है। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल को सीधे भूमि में पहुंचाकर भूजल स्तर को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून के दौरान गिरने वाली प्रत्येक बूंद का अधिकतम संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

शासकीय भवनों में अनिवार्य रूप से लगाए जा रहे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

अभियान के अंतर्गत सभी शासकीय भवनों, स्कूलों, पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य सार्वजनिक परिसरों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से भवनों की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल का संग्रहण एवं भूजल पुनर्भरण किया जाएगा। जिले में वर्तमान में 1200 से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम एवं रिचार्ज पिटों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जनसहयोग एवं जनभागीदारी से 23 हजार से अधिक सोख्ता गड्ढों (सोक पिट) का निर्माण भी किया जा चुका है, जो जल संरक्षण अभियान को नई गति प्रदान कर रहे हैं।

भूजल पुनर्भरण जल संकट का सबसे प्रभावी समाधान : कलेक्टर

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि बढ़ते जल संकट और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए भूजल पुनर्भरण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिले में मानसून पूर्व सभी निर्धारित संरचनाओं का निर्माण पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से आने वाले वर्षों में पेयजल संकट को कम करने के साथ-साथ कृषि एवं सिंचाई कार्यों के लिए भी पर्याप्त जल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

मनरेगा और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से हो रहे कार्य

जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री प्रेमलता पद्माकर ने बताया कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के अभिसरण से जल संरक्षण संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वित किया जा रहा है। रिचार्ज पिट एवं वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के साथ-साथ तालाबों का गहरीकरण, चेक डैम निर्माण तथा सोख्ता गड्ढों का निर्माण भी व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।

जनभागीदारी से सफल होगा जल संरक्षण अभियान

जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने घरों, संस्थानों एवं परिसरों में भी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करें तथा जल संरक्षण के इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। प्रशासन का मानना है कि जनसहयोग और सामूहिक प्रयासों से ही जल संरक्षण के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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