बीयू के कुलगुरु ने CM हेल्पलाइन में की कर्मचारियों की शिकायत, 13 महत्वपूर्ण फाइलें गायब

भोपाल। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय (बीयू) इन दिनों प्रशासनिक अव्यवस्था और अंदरूनी विवादों के चलते सुर्खियों में है। विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण फाइलों के गायब होने के मामले ने जहां प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं कुलगुरु प्रो. एसके जैन द्वारा कर्मचारियों के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने से विवाद और गहरा गया है।

विश्वविद्यालय में पहली बार ऐसा मामला सामने आया है, जब कुलगुरु ने अपने ही कर्मचारियों पर सहयोग नहीं करने और जरूरी जानकारी छिपाने के आरोप लगाए हैं। इस पूरे घटनाक्रम से विश्वविद्यालय के भीतर तनाव का माहौल बन गया है और कर्मचारी संगठन भी खुलकर विरोध में उतर आए हैं। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जताई है।

कर्मचारियों पर सहयोग नहीं करने का आरोप

  • कुलगुरु प्रो. एसके जैन ने शिकायत में कहा है कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में स्वीकृत पदों की जानकारी और पुराने आदेशों की प्रतियां कई बार मांगने के बावजूद उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसके कारण कई प्रशासनिक और वित्तीय मामलों का निराकरण अटक गया है।
  • कुलगुरु ने इस लापरवाही के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के साथ-साथ मुख्यमंत्री, लोकभवन, शिक्षा मंत्री और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।

13 महत्वपूर्ण फाइलें गायब

  • करीब डेढ़ माह पहले विश्वविद्यालय की स्थापना और गोपनीय शाखा से जुड़ी 13 महत्वपूर्ण फाइलें गायब होने का मामला सामने आया था। इनमें नियुक्ति, सेवा पुस्तिका, वेतनवृद्धि, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा कामर्स विभाग की गोपनीय प्रविष्टियों से संबंधित एक अहम फाइल भी लापता बताई जा रही है
  • मामले की शिकायत कुलसचिव प्रो. समर बहादुर सिंह ने पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस ने विभागीय जांच कराने की सलाह दी है। अब इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने की तैयारी की जा रही है।
  • उच्च शिक्षा मंत्री ने जताई नाराजगी

    सूत्रों के मुताबिक हाल ही में आयोजित कुलसचिवों की बैठक में भी इस मामले पर चर्चा हुई। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने विश्वविद्यालय की स्थिति पर नाराजगी जताई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में यह पहला मामला है, जब किसी विश्वविद्यालय के कुलगुरु ने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया हो।

    कर्मचारी संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी

    कुलगुरु प्रो. एसके जैन का कार्यकाल सितंबर में समाप्त होने वाला है, जबकि जुलाई से नए कुलगुरु के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसी बीच कर्मचारी संगठनों में असंतोष बढ़ गया है। कर्मचारी संघ के महासचिव धीरेंद्र सिंह ने कुलगुरु के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कर्मचारियों को स्वीकृत पदों की जानकारी देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों को बेवजह परेशान किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।

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