इंदौर में टला दो बस स्टैंडों को शिफ्ट करने का मामला, नए स्टेशन में सुविधाएं अधूरी

इंदौर ।    इंदौर के तीन बस स्टैंड शहर की घनी बसाहट के बीच है। स्टैंड तक रोजाना सैकड़ों बसें आती है। इस वजह से यातायात भी बाधित होता है। इसके चलते इंदौर विकास प्राधिकरण ने दो नए बस स्टैंड शहर के बाहरी हिस्से में बनाए है। पंद्रह करोड़ की लागत से इंदौर के नायता मुंडला में बने नए बस स्टेशन में अभी बसों का संचालन नहीं होगा। यहां शुक्रवार से दो नए बस स्टैंड शिफ्ट होना थे,लेकिन बस आपरेटरों के विरोध के कारण प्रशासन भी झुकना पड़ा। आपरेटरों का कहना है कि नए स्टेशन के एप्रोच मार्ग पर अतिक्रमण है। वहां से शहर के मध्य हिस्से तक आने के लिए लोकपरिवहन वाहनों की व्यवस्था नहीं है। अभी तक वहां रिक्शा स्टैंड भी नहीं बना है। बसों में सवार होने के लिए यात्री स्टेशन तक आएंगे कैसे? इंदौर के तीन बस स्टैंड शहर की घनी बसाहट के बीच है। स्टैंड तक रोजाना सैकड़ों बसें आती है। इस वजह से यातायात भी बाधित होता है। इसके चलते इंदौर विकास प्राधिकरण ने दो नए बस स्टैंड शहर के बाहरी हिस्से में बनाए है।

दो माह पहले नायता मुंडला का बस स्टैंड तैयार हो चुका है। पिछले दिनों कलेक्टर आशीष सिंह ने बस स्टैंड का दौरा कर उसके संचालन का फैसला लिया था। नए स्टेशन में नवलखा और तीन इमली बस स्टैंड को शिफ्ट करना है, लेकिन बस संचालक इसके लिए तैयार नहीं थे। अब एक सप्ताह बाद नए बस स्टैैंड का संचालन होगा। यहां शिर्डी, नासिक, नागपुर, भुसावल सहित महाराष्ट्र के शहरों की बसों का संचालन होगा। इसके अलावा प्रदेश के शहरों मेें जाने वाली बसें भी नायता मुंडला से संचालित होगी। नए बस स्टैंड के टिकट खिड़की, फुड जोन, चालकों के लिए विश्राम कक्ष सहित अन्य सुविधाएं दी गई है।
 

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