फरहान और साहिल के खिलाफ आरोप तय, पॉक्सो और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत चलेगा मुकदमा

भोपाल के रायसेन रोड स्थित एक निजी कॉलेज में पढ़ने वाली दो बहनों से बलात्कार, ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के दबाव के गंभीर मामले में मंगलवार को अदालत ने मुख्य आरोपियों फरहान खान और साहिल खान के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।

विशेष पॉक्सो कोर्ट में बागसेवनिया थाना पुलिस के 250 पृष्ठों के चालान और 57 गवाहों की सूची के आधार पर न्यायालय ने BNS की धाराएं 137(2), 64A, 64(2)(M), 115(2), 351(2) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 5(L)/6 और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 एवं 5 के तहत आरोप तय किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 को दो सगी बहनों ने FIR दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर फरहान और साहिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने 12 जून को चालान न्यायालय में पेश किया। जेल में बंद दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।

इंदौर भागने के बाद भी नहीं मिली राहत चालान में शामिल मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िताओं के बयान बताते हैं कि फरहान ने छात्राओं को डराकर बलात्कार किया, वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया और बार-बार मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया।

डर के चलते दोनों बहनों ने भोपाल छोड़ इंदौर के एक कॉलेज में दाखिला लिया, लेकिन फरहान वहां भी पहुंच गया और धमकियां देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए।

इस पूरे घटनाक्रम में साहिल खान भी फरहान का साथ देता रहा। जांच में सामने आया कि आरोपी छात्राओं को ‘निकाह’ करने के नाम पर मजबूर करते रहे।

अन्य छात्राओं ने भी दर्ज कराई शिकायतें बागसेवनिया थाना के अलावा, अशोका गार्डन, ऐशबाग और जहांगीराबाद थानों में भी फरहान खान, साहिल खान और उनके अन्य साथियों के खिलाफ इसी तरह के संगीन आरोपों पर अपराध दर्ज किए गए हैं।

25 जुलाई को अगली सुनवाई, ट्रायल शेड्यूल पेश होगा मामले में अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी, जहां अभियोजन पक्ष न्यायालय के समक्ष ट्रायल प्रोग्राम पेश करेगा।

पुलिस का दावा है कि उसके पास तकनीकी साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट, पीड़ितों के बयान और वीडियो फुटेज समेत ऐसे पुख्ता प्रमाण हैं जो आरोपियों को अदालत में कठघरे तक पहुंचाएंगे।

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