सीएम शुभेंदु अधिकारी ने शुरू किया अमित शाह के वादे पर काम, बंगाल को ‘घुसपैठिया’ मुक्त करने पर बड़ा अपडेट

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सत्ता में आने पर बंगाल को ‘घुसपैठिया मुक्त’ बनाने का वादा किया था। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद सीएम शुभेंदु अधिकारी अब ताबड़तोड़ तरीके से इस मोर्चे पर जुट गए हैं। अधिकारी के दिल्ली दौरे के बाद इस मोर्चे पर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को अवैध तरीके से राज्य में रह रहे लोगों को अरेस्ट करने के बाद रखने के डिटेंशन सेंटर यानी होल्डिंग एरिया बनाने का आदेश दिया था। सरकार के आदेश के दो दिन के अंदर ही राज्य में 1 डिटेंशन सेंटर खुल गया है। दूसरा डिटेंशन सेंटर तैयार किया जा रहा है। अमित शाह ने बंगाल से चुन-चुनकर अवैध बांग्लादेशियों को देश से बाहर भेजने का वादा किया था।

बंगाल में कहां खुला पहला डिटेंशन सेंटर?

पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार के राज्य के सभी जिलों में खास तौर पर बांग्लादेशियों और रोहिंग्या के लिए होल्डिंग सेंटर बनाने के ऑर्डर के 48 घंटे के अंदर, मुर्शिदाबाद में एक डिटेंशन सेंटर खोला गया, जबकि मालदा में एक और सेंटर बनाने की तैयारी चल रही है। एक सीनियर डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिसर ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि बांग्लादेश से आए तीन लोगों को मुर्शिदाबाद सेंटर में लाया जा चुका है, जिन पर इल्लीगल इमिग्रेंट्स होने का शक है। मालदा और मुर्शिदाबाद दोनों बॉर्डर बांग्लादेश से लगे हैं। 23 मई के एक ऑर्डर में बंगाल होम एंड हिल अफेयर्स डिपार्टमेंट ने सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को राज्य में अपने इलाकों में अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या के लिए ‘होल्डिंग सेंटर’ बनाने का ऑर्डर दिया था।

डिटेंशन सेंटर में क्या क्या है?

मुर्शिदाबाद में लालगोला मार्केट के पास बहादुरपुर में जिस तीन मंजिला बिल्डिंग में अब डिटेंशन सेंटर खोला गया है। उसमें मछुआरों के लिए एक ऑफिस, एक बैंक और शादी और दूसरे कामों के लिए इस्तेमाल होने वाला एक कम्युनिटी हॉल भी है। लालगोला की यह बिल्डिंग लालगोला पद्मा फिशरमेन को-ऑपरेटिव की है। जानकारी के अनुसार रविवार को ‘होल्डिंग सेंटर’ घोषित होने से एक दिन पहले पुलिस और एडमिनिस्ट्रेशन ने बिल्डिंग का इंस्पेक्शन किया। इसे चलाने के लिए पुलिस और सिविक वॉलंटियर्स को नियुक्त किया गया है। सूत्रों ने बताया कि सेंटर में लाए गए तीन कथित बांग्लादेशियों को भागाबंगोला और लालगोला पुलिस स्टेशन एरिया से पकड़ा गया था। पुलिस के अनुसार यहां पर खाने और पानी का सही इंतजाम कर दिया गया है। तीनों के बारे में आगे की जांच चल रही है। इसके अलावा मालदा के इंग्लिश बाजार टाउन के चंदन पार्क एरिया में सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की ट्रेनिंग के लिए बनी एक सरकारी बिल्डिंग में एक होल्डिंग सेंटर तैयार किया जा रहा है।

शुभेंदु अधिकारी की 3डी पॉलिसी

20 मई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अदिकारी ने कहा था कि सरकार बंगाल में गैर-कानूनी बांग्लादेशियों के लिए ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ सिस्टम को फॉलो करेगी। सरकरार ने कहा है कि संदिग्ध अवैध निवासियों की पहचान होने के बाद जांच की जाएगी, जिसमें नाम, माता-पिता, घर का पता, करीबी रिश्तेदारों की डिटेल्स और दूसरी जानकारी उन इलाकों के संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी जहां के वे रहने का दावा करते हैं। 30 दिनों के अंदर रिपोर्ट आने के दौरान संदिग्ध व्यक्ति को होल्डिंग सेंटर में रहना होगा। अगर 30 दिनों के अंदर कोई रिपोर्ट नहीं मिलती है, तो फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिसर को संदिग्ध बांग्लादेश या म्यांमार नागरिक को डिपोर्ट करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी। अगर रिपोर्ट में यह कन्फर्म होता है कि वे अवैध माइग्रेंट हैं, तो पुलिस उनके बायोमेट्रिक्स लेगी। इसके बाद बीएसएफ या कोस्ट गार्ड उनका डिपोर्टेशन पक्का करेंगे। शुभेंदु अधिकारी ने सीएम

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