ओलावृष्टि और गेहूं खरीदी को लेकर सीएम के निर्देश

बारिश से किसानों को हुए फसल नुकसान की भरपाई की जाएगी
खुले में रखे गेहूं को रखें सुरक्षित, दावा, 80 प्रतिशत अनाज पहले से कवर्ड है
मैंने हालात का संज्ञान लिया है और इस संबंध में राज्य के अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं
जनहानि, पशु हानि होने पर सरकार देगी क्षतिपूर्ति

भोपाल । मप्र के अलग-अलग जिलों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण खरीदी केन्द्रों पर गेहूं भीगने की खबरें सामने आई हैं।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि ओलावृष्टि को लेकर प्रशासन को निर्देश जारी कर किये गए हैं। किसी भी जिले में जनहानि, पशुहानि या किसी प्रकार का नुकसान होगा तो सरकार उसके प्रति गंभीर रहेगी। उसकी क्षतिपूर्ति करने के लिए मुआवजा दिया जाएगा, प्रदेश सरकार इसके लिए संकल्पित है।
सीएम डॉ यादव ने कहा कि गेहूं को कवर्ड परिसर में रखने के निर्देश जारी किये गए हैं। 80 प्रतिशत अनाज पहले से कवर्ड परिसर में है, लेकिन जो ओपन में है, उसको भी सुरक्षित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने निर्देश जारी किए हैं। गेहूं की जो फसल आ रही है, उसकी चमक कमजोर थी। किसी कारण से उनको खरीदने में कठिनाई आ रही थी। वो निर्देश भी स्पष्ट हो गए हैं, किसान को किसी प्रकार का कष्ट न आने दें।
मुख्यमंत्री ने राज्य में असामयिक बारिश से फसल को हुए नुकसान पर कहा कि वे इस मामले को लेकर गंभीर हैं। डॉ मोहन यादव ने कहा कि मैंने हालात का संज्ञान लिया है और इस संबंध में राज्य के अधिकारियों के साथ बैठकें की हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों को मदद के लिए प्रतिबद्ध है। हमने इस संबंध में चुनाव आयोग को लिखा है। मुआवजा देना होगा तो देंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जो भी कदम उठाने होंगे हम उठाएंगे।

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