किसी भी कानूनी लड़ाई में स्वयं को कमजोर न समझें : न्यायाधीश हिमांशु पण्डा

सूरजपुर।  श्रीमती विनीता वार्नर, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर के मार्गदर्शन एवं सचिव सुश्री पायल टोपनो के कुशल दिशानिर्देशन में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर द्वारा ग्राम पंचायत भवन ऊंचडीह एवं ग्राम पंचायत भवन लोधीमा में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

उक्त दोनों कार्यक्रमों की अध्यक्षता  हिमांशु पण्डा, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी सूरजपुर ने की। कार्यक्रम के प्रारंभ में चौकी प्रभारी  योगेंद्र जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य  लक्ष्मण रजवाड़े, ग्राम लोधीमा के उप सरपंच  मोहित रजवाड़े एवं ग्राम ऊंचडीह के सरपंच  प्रदीप सिंह द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर न्यायाधीश  का गरिमामय स्वागत किया गया।

निःशुल्क विधिक सहायता की दी विस्तृत जानकारी:-

न्यायाधीश  पण्डा ने उपस्थित ग्रामीण जनों को संबोधित करते हुए विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के प्रावधानों के संबंध में सरल भाषा में जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के लिए निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह प्रदान करने की व्यवस्था है, परंतु जानकारी के अभाव में अनेक लोग प्राधिकरण के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।

 उन्होंने अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या को लेकर स्वयं को कभी भी कमजोर नहीं समझना चाहिए। देश के सभी न्यायालयों में विधिक सेवा संस्थाएं कार्यरत हैं, जहां सक्षम सलाह के साथ-साथ कानूनी सहायता निःशुल्क प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि विधिक सहायता एवं सलाह प्राप्त करने के लिए विधिक सेवा कार्यालय जाकर अथवा नालसा (NALSA) के टोल फ्री नंबर 15100 के माध्यम से संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान प्राप्त किया जा सकता है।

मोटर व्हीकल एक्ट एवं यातायात नियमों की दी जानकारी:-

इसी क्रम में न्यायाधीश  ने मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए ड्राइविंग लाइसेंस एवं वाहन बीमा को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की दुर्घटना होने पर कागजात उपलब्ध न होने की स्थिति में वाहन स्वामी को आपराधिक मुकदमे के साथ-साथ बड़े आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने हेलमेट के उपयोग एवं यातायात नियमों के पालन पर विशेष बल दिया।

नेशनल लोक अदालत एवं अन्य योजनाओं की दी जानकारी:-

न्यायाधीश  पण्डा ने आगामी 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के संबंध में जानकारी देते हुए लोक अदालत में रखे जाने योग्य मामलों एवं इसके अनगिनत फायदों के संबंध में विस्तार से बताया। इसके अतिरिक्त उन्होंने मध्यस्थता, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007, नालसा मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं योजना तथा छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के संबंध में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।

डिजिटल ठगी एवं नशा मुक्ति पर चौकी प्रभारी ने किया जागरूक:-

कार्यक्रम में चौकी प्रभारी  योगेंद्र जायसवाल ने उपस्थित न्यायाधीश एवं ग्रामीण जनों को संबोधित करते हुए वर्तमान में हो रही डिजिटल लूट एवं डिजिटल ब्लैकमेलिंग के नए-नए तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कोई भी अनजान व्यक्ति बिना स्वार्थ किसी का आर्थिक भला नहीं कर सकता। उन्होंने अनजान लिंक खोलने, एपीके फाइल्स/एप्लीकेशन डाउनलोड करने तथा अनजान व्यक्ति से वीडियो कॉल या कॉल पर बात करने से बचने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया के उपयोग में सावधानी बरतने एवं उपस्थित ग्रामीणों से बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर निगरानी रखने की अपील की।

नशा मुक्त समाज की दिशा में आह्वान करते हुए उन्होंने ष्हम बदलेंगे, युग बदलेगाष् का संदेश देते हुए उपस्थितजनों से अपील की कि पहले घर के बड़ों को नशा मुक्त होना होगा, तभी भावी पीढ़ी नशा मुक्त बन सकेगी। उन्होंने नशे की हालत में हुई दुर्घटनाओं का जिक्र करते हुए नशे के दुष्परिणामों से आमजन को जागरूक करने का प्रयास किया।

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