पीएम-आशा योजनांतर्गत दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी पर किसानों को 1.86 करोड़ रूपए का भुगतान

राजनांदगांव। भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना अंतर्गत जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक जिले में चना, मसूर, सरसों, अरहर एवं सोयाबीन फसलों का उपार्जन केन्द्रों में विक्रय किया जा चुका है। जिसमें 428 कृषकों को लगभग 1.86 करोड़ रूपए की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। शेष राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री आशा योजना के तहत प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के 15 उपार्जन केन्द्रों तथा एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला किसान उत्पादक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड सुकुलदैहान द्वारा दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। जिले में चना के पंजीकृत 8942 हेक्टेयर रकबे से 10717.50 क्विंटल, मसूर के 2238 हेक्टेयर रकबे से 1510 क्विंटल, सरसों के 830 हेक्टेयर रकबे से 490 क्विंटल, अरहर के 127 हेक्टेयर रकबे से 413 क्विंटल तथा सोयाबीन के 399 हेक्टेयर रकबे से 7350 क्विंटल उपज की खरीदी की जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा नाफेड के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। इसके लिए समर्थन मूल्य सोयाबीन हेतु 5328 रूपए प्रति क्विंटल, अरहर हेतु 8000 रूपए प्रति क्विंटल, चना हेतु 5875 रूपए प्रति क्विंटल, मसूर हेतु 7000 रूपए प्रति क्विंटल तथा सरसों हेतु 6200 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने जिन कृषकों ने अब तक अपनी दलहन-तिलहन फसलों का विक्रय नहीं किया है। वे 31 मई 2026 तक अपने निकटतम उपार्जन केन्द्र में पहुंचकर शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाएं तथा अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने की अपील की है।

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