गाजियाबाद: मेरठ तिराहा–मनन धाम रूट पर ट्रैफिक बदहाल, सिग्नल की कमी से सुरक्षा शून्य, 8 KM का सफर जोखिम भरा
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में ट्रैफिक सुधार के दावों के बीच जमीनी हकीकत उलट नजर आ रही है। शहर के अहम मार्ग मेरठ तिराहा से मनन धाम तक यातायात व्यवस्था अव्यवस्थाओं के बोझ तले दबी हुई है, जहां सुरक्षा इंतजाम लगभग नदारद हैं। जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से चिह्नित इस रूट पर न तो पर्याप्त ट्रैफिक सिग्नल हैं और न ही जरूरी संकेतक, जिससे हर दिन हजारों लोगों का सफर जोखिम भरा और समय लेने वाला बन गया है। अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और अव्यवस्थित यातायात ने इस मार्ग को डेंजर जोन में बदल दिया है।
सिग्नल और संकेतकों की भारी कमी
मेरठ तिराहा से मनन धाम तक करीब 8 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 15 कट और यू-टर्न बने हुए हैं, लेकिन इनमें से केवल दो स्थानों पर ही ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं। बाकी स्थानों पर न तो ब्लिंकर्स हैं और न ही रिफ्लेक्टर, जिससे वाहन चालकों को पहले से कोई चेतावनी नहीं मिलती। अचानक सामने आने वाले कट और यू-टर्न दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं और यह स्थिति लगातार खतरा पैदा कर रही है।
जेब्रा क्रॉसिंग और रोड मार्किंग का अभाव
इस मार्ग पर कई जगहों पर जेब्रा क्रॉसिंग नहीं है, जिससे पैदल यात्रियों को सड़क पार करना जोखिम भरा हो गया है। इसके अलावा सड़क किनारे सफेद पट्टी भी नहीं बनी है, जिससे सड़क की सीमाएं स्पष्ट नहीं हो पातीं। इसका नतीजा यह है कि वाहन चालक सड़क के किनारे तक गाड़ियां खड़ी कर देते हैं और धीरे-धीरे एक लेन तक का हिस्सा पार्किंग में तब्दील हो जाता है।
अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से बिगड़ा संतुलन
आबादी और बाजार वाले इलाकों में दुकानदारों ने सड़क तक सामान फैला रखा है, जिससे सड़क संकरी हो गई है। इसके अलावा ऑटो, ई-रिक्शा और मालवाहक वाहन भी सड़क पर ही खड़े रहते हैं। चलते ट्रैफिक के बीच खड़े इन वाहनों से टकराने का खतरा बना रहता है और यातायात की गति लगातार प्रभावित होती है।
8 किमी का सफर बना लंबी परीक्षा
मेरठ तिराहा से मनन धाम तक की दूरी सामान्य स्थिति में 20 से 22 मिनट में पूरी हो जानी चाहिए, लेकिन पीक टाइम में यही सफर 45 मिनट तक पहुंच जाता है। खासकर मेरठ रोड से पुराने बस अड्डे तक का हिस्सा और गुलधर क्षेत्र जाम के लिहाज से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
जाम प्वाइंट्स पर नियंत्रण नहीं
इस रूट पर कई प्रमुख स्थान ऐसे हैं जहां नियमित रूप से जाम लगता है। मेरठ रोड से पुराने बस अड्डे की ओर जाने वाले कट पर सिग्नल होने के बावजूद ट्रैफिक अव्यवस्थित रहता है। होंडा शोरूम के सामने, गुलधर नमो भारत स्टेशन के नीचे और खेतान वर्ल्ड स्कूल के पास बने कट और यू-टर्न जाम के बड़े कारण हैं। इन स्थानों पर न तो पर्याप्त संकेतक हैं और न ही ट्रैफिक पुलिस की तैनाती।
सुधार के लिए जरूरी कदम
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि इस रूट पर सभी कट और यू-टर्न पर ब्लिंकर्स और रिफ्लेक्टर लगाए जाने चाहिए। जेब्रा क्रॉसिंग और साइन बोर्ड अनिवार्य किए जाएं, ताकि वाहन चालकों को पहले से जानकारी मिल सके। इसके अलावा सड़क किनारे अतिक्रमण हटाना, अवैध पार्किंग पर सख्ती करना और प्रमुख जाम प्वाइंट्स पर ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती बेहद जरूरी है।
