शिक्षकों की हड़ताल रोकने सरकार आज करेगी बैठक:अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा करेगा पात्रता परीक्षा आदेश निरस्त करने की मांग

भोपाल, प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी जाने को लेकर चल रहे विरोध को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बार फिर शिक्षकों के संगठन के साथ बैठक करने का फैसला किया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा इस बैठक में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा आदेश निरस्त करने की मांग करेगा। बुधवार को संगठनों के साथ बैठक करके स्कूल शिक्षा विभाग अब इस मामले में नए सिरे से आदेश जारी करने का फैसला लेगा।

नए लोक शिक्षण आयुक्त ने पदभार संभालने के बाद अधिकारियों से कहा है कि वे नए जारी किए जाने वाले आदेश में यह स्पष्ट करें कि किन शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य होगी तथा किन्हें नियमानुसार छूट या सरलीकरण का लाभ मिल सकेगा। आयुक्त ने कहा है कि शासकीय अधिवक्ता से अभिमत प्राप्त करने की कार्यवाही चल रही है। अभिमत मिलते ही आवश्यकतानुसार सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका पेश की जाएगी।

अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के मीडिया प्रभारी उपेंद्र कौशल ने बताया कि अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के आव्हान पर 18 अप्रैल को राजधानी में शिक्षकों के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन एवं “मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा” कार्यक्रम के पूर्व, शासन द्वारा मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए 15 अप्रैल को बुलाया गया है। कौशल ने बताया कि शासन से होने वाली बातचीत से पहले मोर्चा के घटक संघों के अध्यक्षों की एक आवश्यक बैठक बुधवार को प्रातः 11 बजे भोपाल में होगी।

इस बैठक में 18 अप्रैल के प्रस्तावित कार्यक्रम के साथ-साथ टीईटी परीक्षा आदेश निरस्त करने तथा नवीन शिक्षक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से किए जाने की मांगों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक के बाद शासन स्तर पर होने वाली बातचीत में मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल शामिल होकर शिक्षकों की मांगों को प्रभावी ढंग से रखेगा।

सोमवार को राज्य कर्मचारी संघ के साथ बैठक कर चुका है विभाग

उधर स्कूल शिक्षा विभाग के नए आयुक्त लोक शिक्षण (डीपीआई) अभिषेक सिंह के साथ सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ हुई बैठक में तय किया जा चुका है कि जिन शिक्षकों को वेतनवृद्धि एवं समयमान वेतनमान की पात्रता है, उनके प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही करते हुए आदेश शीघ्र जारी किए जाने की कार्यवाही होगी ताकि पात्र शिक्षकों को समयबद्ध रूप से लाभ दिलाया जा सके। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि शिक्षकों की टीईटी परीक्षा के संबंध में एक स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित आदेश शीघ्र जारी किया जाएगा, जिसमें यह वर्गीकृत एवं सरलीकृत रूप में निर्धारित किया जाएगा कि किन शिक्षकों के लिए परीक्षा अनिवार्य होगी तथा किन्हें नियमानुसार छूट अथवा सरलीकरण प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश शासन द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में लंबित प्रकरण के संदर्भ में शासकीय अधिवक्ता से अभिमत प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है। अभिमत प्राप्त होते ही आवश्यकतानुसार सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्याचिका प्रस्तुत की जाएगी।

परीक्षा हुई तो तैयारी में सहयोग करेगा विभाग

शासन ने कहा है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा से संबंधित प्रकरण में विभाग द्वारा शिक्षकों को पूरा सहयोग दिया जाएगा। यदि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा परीक्षा संबंधी निर्देश यथावत रखे जाते हैं तो परीक्षा में सम्मिलित होने वाले शिक्षकों के लिए तहसील एवं विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण एवं सिलेबस आधारित मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी में सुविधा हो। इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि डीपीआई स्तर पर शीघ्र ही एक परामर्शदात्री बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें मुख्यालय एवं कार्यालय स्तर की लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा।

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